Grok Chat Leaked: एलन मस्क के चैटबॉट से लाखों निजी बातचीत गूगल पर लीक, मचा बवाल
नई दिल्ली: एलन मस्क की कंपनी xAI के चैटबॉट Grok पर बड़ा डेटा ब्रीच सामने आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 3.7 लाख से ज्यादा निजी चैट्स गूगल सर्च पर सार्वजनिक रूप से इंडेक्स हो गईं. इन बातचीतों में मेडिकल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल, बिज़नेस डिटेल्स, पासवर्ड जैसी निजी जानकारियां, यहां तक कि खतरनाक कंटेंट भी शामिल था.
शेयर फीचर बना लीक की वजह
दरअसल, Grok का एक शेयर फीचर इस लीक की जड़ है. इसके ज़रिए यूजर्स अपनी चैट लिंक के रूप में दूसरों के साथ साझा कर सकते थे. लेकिन तकनीकी खामी के चलते ये लिंक सीधे Grok की वेबसाइट पर पब्लिश हो गए और सर्च इंजनों तक पहुंच गए. यूजर्स को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि उनकी चैट्स सार्वजनिक हो रही हैं.

खतरनाक सामग्री भी मिली
कई चैट्स में Grok की टर्म्स ऑफ सर्विस का उल्लंघन करने वाली सामग्री भी मिली. कुछ बातचीतों में ड्रग बनाने के तरीके पूछे गए, तो वहीं एक चैट में एलन मस्क की हत्या से जुड़ी जानकारी मांगी गई. कंपनी की नीतियों के अनुसार ऐसे सवाल पूरी तरह प्रतिबंधित हैं.
पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले OpenAI के ChatGPT में भी शेयर फीचर की वजह से निजी चैट्स गूगल पर पहुंच गई थीं. उस समय 4,500 से ज्यादा प्राइवेट बातचीत पब्लिश हो गई थीं. विवाद बढ़ने के बाद OpenAI ने यह फीचर हटा दिया. दिलचस्प बात यह है कि उस समय एलन मस्क ने इस मुद्दे का मज़ाक उड़ाते हुए Grok को प्रमोट किया था. लेकिन अब खुद उनकी कंपनी इसी तरह के संकट में फंस गई है.
मेटा और गूगल पर भी सवाल
Meta और Google के चैटबॉट्स में भी शेयरिंग फीचर के कारण ऐसी गड़बड़ी हो चुकी है. गूगल ने 2023 में इसे सुधार लिया, लेकिन Meta अब भी चैट्स को सर्च रिज़ल्ट्स में आने से रोक नहीं पाया है.
प्राइवेसी पर बड़ा खतरा
ऑक्सफोर्ड इंटरनेट इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता Luc Rocher ने कहा कि AI चैटबॉट्स अब “प्राइवेसी डिज़ास्टर” साबित हो रहे हैं. उनका कहना है कि एक बार डेटा ऑनलाइन आ जाने के बाद उसे हटाना लगभग नामुमकिन है. कई यूजर्स को यह तक नहीं पता कि उनकी निजी बातचीत कब और कैसे सार्वजनिक हो गई. यूरोपियन यूनियन (EU) में यह मामला GDPR कानून का उल्लंघन माना जा सकता है, जिसमें “डेटा मिटाने का अधिकार” और “सूचित सहमति” जैसे नियम लागू होते हैं.






