मार्च 22, 2026

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नेपाल की आग पर संजय राउत की चेतावनी: “सावधान! ऐसा किसी भी देश में हो सकता है”

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल इन दिनों भीषण राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट तक को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। राजधानी काठमांडू में हिंसा और प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस बवाल पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि, “नेपाल की जो स्थिति आज है, वह किसी भी देश में पैदा हो सकती है। सावधान रहने की जरूरत है।”


संजय राउत का एक्स पोस्ट

संजय राउत ने अपने एक्स (Twitter) अकाउंट पर लिखा:

“Nepal today! ये स्थिती किसी भी देश मे पैदा हो सकती है! सावधान! भारत माता की जय! वंदे मातरम!”

उनकी इस चेतावनी को लेकर भारत में भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


क्यों भड़के प्रदर्शनकारी?

नेपाल में 1997 से 2012 के बीच जन्मी Gen-Z पीढ़ी सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर है।

  • सोमवार रात भारी दबाव के बाद नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर लगा बैन हटा दिया।
  • लेकिन आक्रोश थमने की बजाय और उग्र हो गया।
  • प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

नेपाल में बवाल की बड़ी घटनाएं

  • पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा घायल हो गए।
  • उनकी पत्नी को भी प्रदर्शनकारियों ने पीटा।
  • पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’, संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के घरों पर हमला।
  • प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति पौडेल के निजी आवास पर भी हमला बोला।
  • 9 मंत्रियों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई।
  • भैरवा एयरपोर्ट प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया।
  • संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया गया।

ओली का इस्तीफा और नई मांग

सोशल मीडिया बैन और जनाक्रोश के दबाव में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर को इस्तीफा दे दिया।
अब काठमांडू के मेयर बालेन शाह को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। शाह ने इस मुद्दे पर आंदोलनकारी नेता रवि लामिछाने से भी मुलाकात की है।


हिंसा में भारी जान-माल का नुकसान

  • पुलिस कार्रवाई में अब तक 23 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है।
  • हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं।
  • हालात काबू में लाने के लिए सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है।

भारत ने जारी की एडवाइजरी

नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने को कहा है। जरूरत पड़ने पर सीधे दूतावास से संपर्क करने की अपील भी की गई है।


नेपाल की राजनीति का अगला अध्याय

ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल में नई सरकार के गठन की हलचल तेज हो गई है। लेकिन उग्र भीड़ और बेकाबू हालात को देखते हुए यह साफ है कि राजनीतिक समाधान आसान नहीं होगा।

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