“अब लड़कियाँ नहीं रहेंगी खामोश: बेमेतरा में रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा मिशन की शुरुआत — महिला प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित”
📍बेमेतरा, 28 अक्टूबर 2025 –
अब बेमेतरा की बेटियाँ किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेंगी। जिले के स्कूलों में जल्द ही “रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम” की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों (बालक विद्यालयों को छोड़कर) की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे।
यह विशेष 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को न सिर्फ आत्मरक्षा के कौशल सिखाएगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करेगा।
💪 आत्मनिर्भर बालिकाओं की दिशा में ऐतिहासिक पहल
जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में खुद की रक्षा कर सकें।
इस प्रशिक्षण में कराटे, ताइक्वांडो, जूडो, कुंगफू जैसी मार्शल आर्ट्स की विधाओं के माध्यम से व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा।
👩🏫 महिला प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित
इस कार्यक्रम के लिए महिला मास्टर्स / प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जो किसी भी मार्शल आर्ट्स विधा में निपुण हों।
इच्छुक और योग्य महिला प्रशिक्षक 2 नवम्बर 2025 तक अपने आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा, कक्ष क्रमांक 05 में जमा कर सकती हैं।
चयनित प्रशिक्षकों को 30 दिन के प्रशिक्षण कार्य के पूर्ण होने पर एकमुश्त ₹5000 का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
🌸 “बेटी की ढाल बनेगी उसकी ताकत”
प्रशासन का मानना है कि आत्मरक्षा सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
कार्यक्रम का नाम रानी लक्ष्मी बाई के नाम पर रखा गया है — जो नारी शक्ति, साहस और आत्मसम्मान की प्रतिमूर्ति हैं।
इस पहल से जिले की हजारों बालिकाएँ आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकें सीखेंगी, जिससे वे समाज में और अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और निडर बनेंगी।
📞 आवेदन हेतु संपर्क:
👉 अंतिम तिथि: 2 नवम्बर 2025
👉 कार्यालय: जिला शिक्षा अधिकारी, कक्ष क्रमांक 05, बेमेतरा
👉 उद्देश्य: बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण (30 दिवस)
👉 मानदेय: ₹5000 (एकमुश्त)






