लिव-इन रिलेशनशिप पर अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान, युवाओं ने जताई तीखी प्रतिक्रिया
नोएडा: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने एक बार फिर लिव-इन रिलेशनशिप (Live In Relationship) पर बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने लिव-इन को कुत्तों और बिल्लियों की संस्कृति बताते हुए कहा कि “हमारे देश के कुत्ते हजारों सालों से लिव-इन में रह रहे हैं, यह कुत्तों का कल्चर है।”
उनके इस बयान पर नोएडा के युवाओं और स्थानीय लोगों की अलग-अलग राय सामने आई है।
✦ युवाओं की नाराज़गी
कई युवाओं ने अनिरुद्धाचार्य के बयान को गलत और आपत्तिजनक बताया। एक युवक ने कहा, “धर्मगुरुओं को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। इससे धर्म की मर्यादा घटती है और समाज पर नकारात्मक असर पड़ता है।”
दूसरे ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन को मान्यता दी है। ऐसे में कुत्तों-बिल्लियों से तुलना करना सनातन धर्म और संस्कृति का अपमान है।”
✦ कुछ ने दिया समर्थन
हालांकि, कुछ लोग अनिरुद्धाचार्य की सोच से सहमत भी दिखे। एक युवक ने कहा, “हिंदू धर्म के संस्कारों के हिसाब से शादी से पहले साथ रहना गलत है। बाबा ने समाज के हित में सही कहा है।”
एक युवती ने कहा, “लिव-इन रिलेशनशिप प्यार नहीं बल्कि वेस्टर्न कल्चर है, जो हमारे समाज और संस्कृति पर असर डाल रहा है।”
✦ सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
कुछ युवाओं ने लिव-इन रिलेशनशिप को सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया। उनका कहना है कि नोएडा में लिव-इन पार्टनरशिप से जुड़े कई अपराध सामने आए हैं, जिनमें हत्या तक की घटनाएँ हुई हैं।
✦ नसीहत की अपील
कई लोगों ने अपील की कि धर्मगुरुओं को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि उनके बयानों का असर समाज पर गहरा पड़ता है।






