ED छापे पर भड़के AAP नेता सौरभ भारद्वाज, बोले– “मेरे घर से दस्तावेज चोरी हुए, यह एक क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी है”
नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025। दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को उनके घर पर हुई छापेमारी के बाद बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारद्वाज ने कहा कि यह सब उन्हें फंसाने की “सुनियोजित साजिश” है। उन्होंने दावा किया कि छापे के दौरान उनके घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी किए गए और अधिकारियों ने उन पर जबरन दबाव बनाकर बयान बदलवाने की कोशिश की।

बयान बदलने का दबाव
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि ED अधिकारियों ने उन्हें शाम 8 बजे से लेकर रात 2 बजे तक घर के भीतर रोके रखा और बदला हुआ बयान साइन करने के लिए मजबूर किया। उनके अनुसार, अधिकारियों ने धमकी दी कि अगर उन्होंने दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर नहीं किए तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने कहा—“यह सीधे-सीधे ईमानदार व्यक्ति को फंसाने की कोशिश है।”
दस्तावेज चोरी और फॉरेंसिक जांच की मांग
AAP नेता ने दावा किया कि ED की टीम उनके घर से चुनाव आयोग और हाईकोर्ट से जुड़े अहम दस्तावेज ले गई है। इतना ही नहीं, उनका बयान भी उनके वाई-फाई का उपयोग करके कहीं और शेयर किया गया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अधिकारी मयंक अरोड़ा ने उनका स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया और 43 सवाल पूछे। उन्होंने मांग की कि अरोड़ा के लैपटॉप को तुरंत सीज कर फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
एलजी पर गंभीर आरोप
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके निर्देश पर ही यह कार्रवाई की गई। “मुझे फंसाने के लिए यह सब एक क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के तहत किया जा रहा है। अगर मुझे गिरफ्तार किया जाता है, तो मेरे वकील सबूत पेश करेंगे।”

बेटी के सामने हुई कार्रवाई
पूर्व मंत्री ने बताया कि जब उनकी बेटी स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी, तभी ED अधिकारी अचानक उनके घर पहुंचे और तलाशी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि “एक ईमानदार व्यक्ति और उसके परिवार को इस तरह से परेशान किया जा रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
“ईमानदार लोगों को फंसाने की साजिश”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जब ईमानदार लोगों को इस तरह से फंसाया जाएगा, तो देश में ईमानदारी कैसे बचेगी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं है, लेकिन राजनीतिक षड्यंत्र रचकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और ED पर बड़ा हमला बोला है, जबकि विपक्ष इसे “AAP नेताओं पर वैधानिक कार्रवाई” बता रहा है। मामले ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।






