स्पाइसजेट फ्लाइट SG 385 की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी 205 यात्री सुरक्षित
श्रीनगर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को दिल्ली से श्रीनगर आ रही SpiceJet Flight SG 385 की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में उस समय कुल 205 यात्री, जिनमें 4 बच्चे भी शामिल थे, और 7 क्रू सदस्य सवार थे। राहत की बात यह रही कि लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित रही और किसी भी यात्री या क्रू को मेडिकल सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ी।

कैसे हुई इमरजेंसी लैंडिंग?
जानकारी के अनुसार, विमान के प्रेशराइजेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके चलते उड़ान के दौरान हवाई दबाव में असंतुलन पैदा हुआ। पायलट ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए श्रीनगर एयरपोर्ट को अलर्ट किया और विमान को आपात स्थिति में उतारा। अधिकारियों ने बताया कि फ्लाइट ने दोपहर 3:27 बजे सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और विमान को तकनीकी जांच के लिए एयरपोर्ट पर खड़ा कर दिया गया।
पिछले एक साल में 11वीं इमरजेंसी लैंडिंग
यह घटना जनवरी 2024 से अब तक हुई 11वीं इमरजेंसी लैंडिंग है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हाल ही में राज्यसभा में जानकारी दी थी कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक 10 बार विमानों को तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इसके अलावा, दो बार हवा में टर्बुलेंस की घटनाएं भी सामने आईं।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया था कि 2020 से जून 2025 के बीच डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 171 रेगुलेटरी ऑडिट किए हैं, ताकि हवाई सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
अहमदाबाद हादसे की यादें ताजा
मोहोल ने यह भी याद दिलाया कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया का विमान VT-ANB अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा था। उड़ान के दौरान विमान ने मेडे (MAYDAY) घोषित किया और यह दुर्घटना का शिकार हो गया। इस हादसे में 260 यात्रियों और क्रू की जान चली गई थी। इस दुखद घटना के बाद से ही सरकार और DGCA हवाई सुरक्षा को लेकर और सख्ती बरत रही है।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
स्पाइसजेट की इस इमरजेंसी लैंडिंग के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि विमानन कंपनियां तकनीकी सुरक्षा को लेकर कितनी सजग हैं। हालांकि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा हमेशा पहली प्राथमिकता रहेगी और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।






