मार्च 22, 2026

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प्रधानमंत्री मोदी पर अपशब्द को लेकर भड़के अमित शाह, बोले- “जितना गाली दोगे, कमल उतना ऊंचा खिलेगा”

गुवाहाटी में शुक्रवार (29 अगस्त) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहे गए अपशब्दों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष, खासकर राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि घृणा की राजनीति उनके राजनीतिक जीवन के पतन का कारण बनेगी। शाह ने कहा कि “आप जितना प्रधानमंत्री मोदी को गाली दोगे, कमल उतना ही ऊंचा खिलेगा।”

राहुल गांधी पर सीधा निशाना

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंचों से बार-बार प्रधानमंत्री मोदी और यहां तक कि उनकी मां को लेकर भी अपशब्द कहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय राजनीति में “घृणा का निम्न स्तर” करार दिया और कड़ी निंदा की। शाह ने कहा,
“यह घृणा की राजनीति राहुल गांधी के सार्वजनिक जीवन को गर्त में ले जाएगी। आप जितना प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विष वमन करेंगे, जनता उतनी ही मजबूती से भाजपा और कमल के साथ खड़ी होगी।”

“राजनीति को प्रदूषित करना देश के लिए खतरनाक”

गृहमंत्री ने विपक्ष को चेतावनी दी कि अगर राजनीति को इस तरह प्रदूषित किया जाएगा तो देश सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं और अब समय आ गया है कि वे सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। शाह ने कहा, “देश इनके कृत्य को अचंभित होकर देख रहा है। भगवान इनको सद्बुद्धि दे।”

पीएम मोदी का कार्यकाल “स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा”

अमित शाह ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर और असम के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में असम और पूरे पूर्वोत्तर ने अभूतपूर्व प्रगति की है।
“जब पूर्वोत्तर और असम का इतिहास लिखा जाएगा तो मोदी जी का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। आज असम विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, अंग्रेजों के बनाए पुराने कानूनों को रद्द किया गया है और हर नागरिक को सम्मान मिल रहा है।”

असम दौरे पर अमित शाह

अमित शाह असम दौरे पर हैं और उन्होंने गुवाहाटी स्थित राजभवन की नवनिर्मित ब्रह्मपुत्र इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र सरकार की विकास योजनाओं और सुरक्षा नीतियों का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए जो कदम उठाए हैं, वे आने वाले दशकों तक याद रखे जाएंगे।

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