लाल किला चोरी कांड: जैन समुदाय के कार्यक्रम से सोने-हीरे से जड़ा 1 करोड़ का कलश चोरी, आरोपी गिरफ्तार – सामने आई पहचान
नई दिल्ली, 8 सितम्बर 2025। राजधानी दिल्ली में लाल किले के भीतर आयोजित जैन समुदाय के धार्मिक समारोह से सोने और हीरे से जड़ा करीब 1 करोड़ रुपये का कलश चोरी हो गया था। यह घटना 3 सितम्बर को हुई थी, जब समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। चोरी की इस बड़ी वारदात ने पुलिस और प्रशासन दोनों को हिला कर रख दिया था। अब दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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आरोपी कौन है?
क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के हापुड़ से भूषण वर्मा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। CCTV फुटेज की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने जैन समुदाय के अनुष्ठानिक कपड़े (धोती और चुन्नी) पहन रखे थे ताकि वह कार्यक्रम में आसानी से घुल-मिल सके।
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वारदात को दी गई प्लानिंग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चोरी की घटना पूरी तरह योजनाबद्ध थी। आरोपी ने न सिर्फ एक बल्कि तीन कलश चोरी किए। शुरुआती जांच में पुलिस ने एक कलश बरामद कर लिया है, जबकि बाकी दो कलशों की तलाश जारी है। इस मामले में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है, और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
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चोरी हुए कलश की कीमत और धार्मिक महत्व
आयोजकों के अनुसार, चोरी किया गया कलश करीब 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे, माणिक व पन्नों से जड़ा हुआ था। इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये के करीब बताई जा रही है। हालांकि आयोजकों का कहना है कि इसकी कीमत केवल भौतिक नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जैन समुदाय का कहना है कि इस चोरी से उनके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और पूरा समाज इससे आहत है।
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जांच में नए खुलासे
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसने यह वारदात अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस अब बाकी दो कलशों की बरामदगी और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ चोरी नहीं बल्कि एक धार्मिक धरोहर से जुड़ा अपराध है, इसलिए इसकी जांच बेहद गंभीरता से की जा रही है।
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लाल किला क्यों चुना गया?
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लाल किला परिसर से इतनी बड़ी चोरी कैसे हो पाई। माना जा रहा है कि आरोपी ने भीड़ और कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था का फायदा उठाकर चोरी को अंजाम दिया।






