उड़ान से पहले पिघलते यात्री: दिल्ली एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट में तकनीकी ड्रामा
नई दिल्ली, 11 सितंबर 2025 – दिल्ली से सिंगापुर जाने वाली एअर इंडिया की एक फ्लाइट ने बुधवार की रात यात्रियों को ऐसा अनुभव दिया, जिसे वे शायद लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे। बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर से संचालित उड़ान संख्या AI2380 में सवार 200 से अधिक यात्रियों को उड़ान भरने से पहले करीब छह घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वजह थी – विमान के केबिन कूलिंग सिस्टम और बिजली आपूर्ति में आई तकनीकी खराबी।
विमान में गर्मी से परेशान हुए यात्री
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रात करीब 11 बजे उड़ान भरने के लिए तैयार यह विमान टेकऑफ से पहले ही तकनीकी दिक्कत में फंस गया। एयर कंडीशनिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया, जिससे केबिन का तापमान बढ़ गया। यात्रियों को करीब दो घंटे तक विमान के अंदर गर्मी सहनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि यात्री खुद को ठंडा रखने के लिए अखबार और पत्रिकाओं से हवा करते नजर आए। अंततः, क्रू ने सभी यात्रियों को विमान से बाहर उतारने का फैसला लिया।
छह घंटे की देरी और बदला गया विमान
एयर इंडिया ने बाद में एक बयान जारी कर बताया कि “दिल्ली-सिंगापुर फ्लाइट AI2380 के प्रस्थान से पहले केबिन कूलिंग में समस्या आई। यात्रियों को लगातार जानकारी दी जाती रही और दिल्ली एयरपोर्ट पर मौजूद हमारी टीम ने जलपान व भोजन उपलब्ध कराकर हर संभव सहयोग दिया।”
विमान को बदलने के बाद अंततः गुरुवार सुबह 05:36 बजे फ्लाइट ने उड़ान भरी। हालांकि, यात्रियों को कुल 6 घंटे की देरी झेलनी पड़ी।
यात्रियों की नाराज़गी और एयरलाइन की सफाई
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यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कई लोगों ने कहा कि उन्हें समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और असुविधा बहुत अधिक थी। वहीं, एयर इंडिया ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में एहतियातन कदम उठाना आवश्यक होता है।
एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया और भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी जांच और मजबूत की जाएगी।
एयर इंडिया की चुनौतियाँ और यात्रियों की उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ एयर इंडिया जैसी राष्ट्रीय एयरलाइन की साख पर असर डाल सकती हैं। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा और यात्रियों की उम्मीदों के बीच तकनीकी और सेवा संबंधी समस्याएँ कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं।
फिर भी, यात्रियों का कहना है कि अगर सूचना पारदर्शी और समय पर मिले, तो ऐसी असुविधाओं को बेहतर तरीके से सहा जा सकता है।






