दिल्ली में ISIS का बड़ा जाल बेनकाब: केमिकल हथियार बनाने वाले आतंकी भी दबोचे गए
नई दिल्ली, 11 सितंबर 2025 – दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन ISIS के एक बड़े स्लीपर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ केमिकल हथियार बनाने में विशेषज्ञ बताए जा रहे हैं। बरामद रसायनों और उपकरणों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जांच शुरू हो गई है।
कैसे उजागर हुआ मॉड्यूल?
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दिल्ली पुलिस को हाल ही में गुप्त सूचना मिली थी कि ISIS का एक स्लीपर मॉड्यूल सक्रिय होकर दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में बड़े हमलों की साजिश रच रहा है। इसी सूचना के आधार पर दिल्ली, रांची, हैदराबाद और मध्य प्रदेश में एक साथ छापेमारी की गई।
- दिल्ली से आफताब और सूफियान को पकड़ा गया, दोनों मुंबई के रहने वाले हैं।
- रांची के तबराक लॉज से अशहर दानिश को दबोचा गया, जो छात्र बनकर 2025 से छिपा हुआ था।
- एक आतंकी हैदराबाद और एक मध्य प्रदेश से गिरफ्तार हुआ।
दानिश के पास से एक पिस्टल, लैपटॉप और कई डिजिटल डिवाइस बरामद हुए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी आतंकी ISIS के स्लीपर मॉड्यूल से जुड़े थे।
बरामद हुए खतरनाक रसायन और उपकरण
पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि पकड़े गए आतंकी केमिकल हथियार तैयार करने की योजना बना रहे थे। बरामद सामान में शामिल हैं:
- हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सोडियम बाइकार्बोनेट और सल्फर पाउडर
- PH वैल्यू चेकर, वेटिंग मशीन, बीकर सेट
- सेफ्टी ग्लव्स, रेस्पिरेटरी मास्क
- प्लास्टिक बॉक्स में स्ट्रिप वायर, सर्किट, मदरबोर्ड और डायोड्स
- बॉल बेयरिंग – जो आमतौर पर IED बनाने में इस्तेमाल होते हैं
ये सभी सामग्री साफ इशारा करती है कि मॉड्यूल किसी बड़े धमाके की साजिश रच रहा था।
दानिश और आफताब – ‘केमिकल हथियार’ एक्सपर्ट
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक दानिश और आफताब को केमिकल हथियार बनाने का एक्सपर्ट माना जाता है। बरामद उपकरण और रसायन इस बात की पुष्टि करते हैं। इनका मकसद सिर्फ हमले करना नहीं था बल्कि नए आतंकियों को स्लीपर सेल से जोड़ना भी था।
देशभर में छापेमारी और हिरासतें
अब तक सुरक्षा एजेंसियां देशभर में 12 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी हैं। आठ से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि –
- इनके निशाने पर कौन-कौन सी जगहें थीं?
- नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं?
- विदेश से कितना समर्थन और फंडिंग मिल रही थी?
क्या बड़ी साजिश रच रहा था मॉड्यूल?
जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह मॉड्यूल देश के बड़े शहरों में सीरियल ब्लास्ट या बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पकड़े गए आतंकी दिल्ली और अन्य महानगरों को टारगेट कर सकते थे।
एजेंसियों की चौकसी और आगे की रणनीति
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दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही हैं। साथ ही डिजिटल डिवाइस से मिले डेटा की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।






