जब 9 नहीं 10 दिन तक चलेगी शक्ति की साधना: शारदीय नवरात्र 2025 की खासियतें जो इस बार बनाएंगी पर्व अद्वितीय
नई दिल्ली। इस साल शारदीय नवरात्रि भक्तों के लिए और भी खास होने वाली है, क्योंकि यह पर्व परंपरागत 9 दिनों के बजाय पूरे 10 दिनों तक मनाया जाएगा और ग्यारहवें दिन विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। मां दुर्गा का आगमन इस बार हाथी पर हो रहा है, जिसे शास्त्रों में सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है।
📍 नवरात्रि का आरंभ और समापन
- आरंभ: 22 सितंबर (आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, सोमवार)
- नवमी: 1 अक्टूबर (बुधवार)
- विजयादशमी: 2 अक्टूबर (गुरुवार)
इस बार विशेष संयोग यह है कि नवरात्रि में चतुर्थी तिथि दो दिन रहेगी, जिसके कारण पर्व एक दिन अतिरिक्त बढ़ेगा। विद्वानों के अनुसार नवरात्रि में तिथि की वृद्धि को अत्यंत शुभदायक माना जाता है।
✨ कलश स्थापना का शुभ समय
पंडितों के अनुसार 22 सितंबर को कलश स्थापना का विशेष महत्व होगा। पूरे दिन स्थापना का योग रहेगा, परंतु अभिजीत मुहूर्त (सुबह 11:20 से दोपहर 12:09 बजे तक) में स्थापना सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। उस समय हस्त नक्षत्र का आगमन भी विशेष फलदायी रहेगा।
🙏 10 दिनों तक देवी के रूपों की पूजा
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना क्रमशः की जाएगी।
- 22 सितंबर (प्रतिपदा) – मां शैलपुत्री
- 23 सितंबर (द्वितीया) – मां ब्रह्मचारिणी
- 24 सितंबर (तृतीया) – मां चन्द्रघंटा
- 25 सितंबर (चतुर्थी) – सामान्य पूजा
- 26 सितंबर (चतुर्थी) – मां कुष्मांडा
- 27 सितंबर (पंचमी) – मां स्कंदमाता
- 28 सितंबर (षष्ठी) – मां कात्यायनी
- 29 सितंबर (सप्तमी) – मां कालरात्रि
- 30 सितंबर (अष्टमी) – मां महागौरी
- 1 अक्टूबर (नवमी) – मां सिद्धिदात्री
👉 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी।
🌸 नवरात्र का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
नवरात्रि को शक्ति उपासना का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। श्रद्धालु पूरे नौ दिन (इस बार दस दिन) व्रत रखते हैं और नवमी को कन्या पूजन कर व्रत का समापन करते हैं। बंगाल में इसी अवधि में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व होता है, जहां भव्य पंडाल और मां की प्रतिमाएं लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।
सनातन ग्रंथों में वर्णित है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की भक्ति से साधक सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण कर सकता है।
🐘 हाथी पर आगमन का शुभ संकेत
पंडित विवेकानंद पांडेय का कहना है कि इस वर्ष मां दुर्गा का धरती पर आगमन हाथी पर हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह आगमन समृद्धि, सुख और शांति का प्रतीक है। इसका अर्थ है कि इस वर्ष मां दुर्गा की कृपा से जीवन में खुशहाली और सौभाग्य की वृद्धि होगी।
📌 विशेष आकर्षण
- 10 दिनों की नवरात्रि: दुर्लभ और शुभ संयोग
- तिथि वृद्धि: धर्म शास्त्रों में शुभ मानी जाती है
- विजयादशमी 11वें दिन: रावण दहन का उल्लास






