ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार—14 मंत्रियों वाला पूर्ण बजट कैबिनेट हुआ तैयार!
रायपुर, आज। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को राज्य में 25 वर्षों में पहली बार 14 सदस्यीय मंत्रिमंडल को आकार दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले से सरकार की राजनीतिक और प्रशासनिक मजबूती पर नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
कौन बने नए चेहरे?
कैबिनेट के विस्तार में गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल और गजेंद्र यादव को शामिल किया गया है।
- गुरु खुशवंत साहेब: धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र में ख्यात, उनकी लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए नियुक्ति।
- राजेश अग्रवाल: पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव को चुनाव में हराने के प्रयासों का राजनीतिक इनाम।
- गजेंद्र यादव: आरएसएस से निकटता बनी रखने की रणनीति।
सरकार ने इस विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा है।

क्या है इस विस्तार की रणनीति?
मुख्यमंत्री साय की विदेश यात्रा से पहले कैबिनेट विस्तार का यह कदम स्पष्ट राजनीतिक संदेश देता है:
- सरकार ने अब तक बनाए गए संतुलन को मजबूत करना चाहा है।
- नए चेहरों को अवसर देकर युवा और सीनियर नेताओं में सामंजस्य कायम रखा गया है।
- हरियाणा मॉडल के अंतर्गत, तीन नए विधायक—जहां केवल दो पद रिक्त थे—उन्हें मंत्री बना दिया गया, ताकि जिम्मेदारी साझा होती रहे।
क्यों यह खबर महत्वपूर्ण है?
- 25 वर्षों में पहला मौका — यह विस्तार राज्य की राजनीतिक दिशा-निर्धारण और सत्ता संरचना दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
- रणनीतिक संतुलन — नए मंत्रियों की नियुक्ति में जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन बाकायदा सुनिश्चित किया गया है, जिससे भाजपा की सामाजिक नीति प्रभावी दिखती है।
- विदेश दौरे से पूर्व तैयारी — यह कदम मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा से पहले उठाया गया है, जिससे सरकार की कार्यशैली और संघीय बीच सहयोग की धारणा मजबूत होती है।






