दुर्ग में उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण, 6 दुकानों पर कार्रवाई – किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने कड़ा निर्देश
विस्तृत खबर:
दुर्ग, 02 सितम्बर 2025। खरीफ 2025 में जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने सघन अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा जिले के सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

राज्य से आए अपर संचालक कृषि श्री आर.के. चंद्रवंशी और संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गबेल ने जिले का भ्रमण कर कई प्रतिष्ठानों और समितियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिले में पदस्थ समस्त उर्वरक निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे विक्रय प्रतिष्ठानों का नियमित और सघन निरीक्षण करें तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करें।
औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान विकासखंड दुर्ग की सेवा सहकारी समिति अंडा में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत पीओएस स्कंध और भौतिक स्कंध में अंतर पाया गया। समिति को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए।
जिला विपणन अधिकारी दुर्ग के संग्रहण केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। यहां पेंडिंग आर.ओ. और डी.डी. के संबंध में चर्चा की गई और निर्देश दिया गया कि जिन समितियों में उर्वरक का स्टॉक शून्य है, वहां तत्काल भंडारण की व्यवस्था की जाए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रुआबांधा स्थित संभाग स्तरीय नवनिर्मित क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण हाल, कृषक छात्रावास और मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का भी दौरा किया।

धमधा में मिली गड़बड़ियां
विकासखंड धमधा में कुल 5 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से अग्रवाल कृषि केंद्र एवं हार्डवेयर (पथरिया) का निरीक्षण करते समय दस्तावेजों की गहन जांच की गई। वहीं किसान सेवा केंद्र धमधा, ताम्रकार कृषि केंद्र धमधा और ताम्रकार फर्टिलाइजर धमधा द्वारा रजिस्टर का संधारण नहीं किए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसके अलावा लक्ष्मी फर्टिलाइजर धमधा में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 8(3) का उल्लंघन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर उर्वरक की जप्ती की कार्यवाही की गई।
दुर्ग ब्लॉक में जांच
विकासखंड दुर्ग के क्षेत्रीय उर्वरक निरीक्षक ने सेवा सहकारी समिति मचांदूर, चंद्राकर ट्रेडर्स मचांदूर और चिराग कृषि केंद्र घुघसीडीह का निरीक्षण किया। इनमें सेवा सहकारी समिति मचांदूर में पीओएस स्कंध और भौतिक स्कंध में अंतर पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया।

कुल 10 प्रतिष्ठानों की जांच, 6 पर कार्रवाई
जिले में कुल 10 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 6 प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को गुणवत्तायुक्त और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए जिले के सभी कृषि आदान विक्रय प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण जारी रहेगा।






