लापरवाही का बड़ा दाम: पीएम आवास योजना में गड़बड़ी पर पंचायत सचिव सस्पेंड
सूरजपुर, 08 सितम्बर 2025। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में सुस्त रवैये और लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ रही है। सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत प्रतापपुर के ग्राम पंचायत सेमराखुर्द में आवास निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में पंचायत सचिव सुखदेव प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह फैसला 06 सितम्बर को जिला पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद लिया गया, जिसमें योजनाओं की प्रगति और पूर्णता पर विस्तृत चर्चा की गई थी।
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क्या थी गड़बड़ी?
बैठक में खुलासा हुआ कि सेमराखुर्द पंचायत को वित्तीय वर्ष 2024-26 तक 131 आवासों का लक्ष्य दिया गया था। इनमें से 22 आवास प्लस हितग्राहियों के स्वीकृति हेतु आवश्यक आधार सहमति सचिव द्वारा अब तक जमा नहीं की गई। वहीं, 73 स्वीकृत आवासों की प्रगति भी बेहद निराशाजनक पाई गई।
यह साफ हो गया कि सचिव सुखदेव प्रसाद ने न तो समय-समय पर निरीक्षण किया और न ही आवास निर्माण कार्यों की पूर्णता में कोई दिलचस्पी दिखाई।
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अनुशासनहीनता और नियमों का उल्लंघन
जांच में पाया गया कि सचिव का रवैया उनके पदीय दायित्वों के विपरीत था। उन पर छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 और छत्तीसगढ़ पंचायत (सचिव की शक्तियां तथा कृत्य) नियम 1999 के उल्लंघन का आरोप है। इसे कदाचार की श्रेणी में मानते हुए सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
निलंबन का आदेश
निलंबन का आदेश छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के तहत जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक:
- सचिव सुखदेव प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
- निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत प्रतापपुर निर्धारित किया गया है।
- उन्हें नियम अनुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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बड़ा संदेश
जिला पंचायत सूरजपुर की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह सख्त संदेश दिया गया है कि यदि वे अपने कार्य में उदासीनता दिखाएंगे तो अनुशासनात्मक कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे।






