बीजापुर: झोपड़ी की जगह पक्का स्कूल, जीड़पल्ली के बच्चों को मिला उज्ज्वल भविष्य; देव आस्था की भूमि अतिक्रमण से मुक्त
बीजापुर | 19 जनवरी 2026:
नियद नेल्लनार अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उसूर विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र जीड़पल्ली में वर्षों से झोपड़ी में संचालित हो रहे स्कूल की जगह अब एक पक्का, सुरक्षित और सुसज्जित विद्यालय भवन बनकर तैयार हो गया है। इससे दशकों से शिक्षा के अभाव में जी रहे क्षेत्र के नौनिहालों को उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव मिली है।
करीब 20 वर्षों बाद प्राथमिक शिक्षा का पुनः नियमित संचालन और नवीन विद्यालय भवन का निर्माण बच्चों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। अब उन्हें अस्थायी झोपड़ी में नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में अध्ययन का अवसर मिलेगा, जहां क, ख, ग की गूंज उनके सपनों को नई उड़ान देगी।
🏫 पूजा-अर्चना के साथ नए विद्यालय का शुभारंभ
प्राथमिक शाला जीड़पल्ली (संकुल केंद्र धरमारम) के नवीन भवन का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर ग्राम सरपंच, उपसरपंच, पंच, पेरमा पुजारी, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को बच्चों के भविष्य निर्माण की दिशा में मील का पत्थर बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन बनने से न केवल बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार होगा। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि शासन और प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति से सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है।
🙏 देव आस्था की भूमि अतिक्रमण से मुक्त, समिति ने जताया आभार
चट्टानपारा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाकर पवित्र देव स्थलों की भूमि को मुक्त कराए जाने पर चिकट राज कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर Sambit Mishra से सौजन्य भेंट कर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उक्त भूमि वन मद की शासकीय भूमि होने के साथ-साथ चिकट राज देव, कोण्डराज देव एवं कारी कंकालीन माता से संबंधित पवित्र स्थल है, जहां प्रतिवर्ष धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा-पाठ आयोजित किए जाते हैं। प्रशासन द्वारा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए की गई कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष और प्रसन्नता का वातावरण है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय एवं वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
🎉 स्थानीय अवकाश की घोषणा से भक्तों में खुशी
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष अप्रैल माह में बीजापुर के आराध्य देव चिकट राज का भव्य मेला आयोजित होता है। समिति के आग्रह पर कलेक्टर द्वारा मेला दिवस पर स्थानीय अवकाश घोषित किए जाने से श्रद्धालुओं में विशेष हर्ष व्याप्त है। समिति ने इस निर्णय की भी सराहना की।








