पाली महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने ली समीक्षा बैठक
कोरबा, 20 जनवरी 2026।
पाली विकासखण्ड के केराझरिया में आगामी 15 एवं 16 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में महोत्सव के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग, एसडीएम कटघोरा श्री तन्मय खन्ना, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, श्री ओंकार यादव, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री श्रीकांत कसेर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, जिम्मेदारियां तय
कलेक्टर श्री दुदावत ने जानकारी दी कि पाली महोत्सव के समन्वित एवं प्रभावी संचालन हेतु जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग को नोडल अधिकारी तथा एसडीएम पाली श्री रोहित सिंह को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने सभी विभागों को दायित्व स्पष्ट करते हुए निर्देशित किया कि सौंपे गए कार्यों का निर्वहन गंभीरता, समयबद्धता और आपसी समन्वय के साथ सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि पाली महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक प्रतिष्ठित आयोजन है, जिसमें स्थानीय कला, संस्कृति, परंपराओं और जनभागीदारी का विशेष महत्व है। अतः इसकी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं।
व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा
बैठक में महोत्सव से जुड़ी समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई, जिनमें प्रमुख रूप से—
- मुख्य मंच एवं अतिथि बैठक व्यवस्था
- बैरिकेडिंग एवं सुचारू पार्किंग व्यवस्था
- विद्युत आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं पेयजल सुविधा
- कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधन
- आमंत्रित कलाकारों के निमंत्रण, आवागमन एवं ठहरने की व्यवस्था
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं रिहर्सल
- विभागीय योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के स्टॉल
- महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया)
पर विस्तार से चर्चा की गई।
जनसहभागिता और सुरक्षा पर विशेष जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महोत्सव में जनसहभागिता अधिकतम रहे, इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र और आपातकालीन सेवाओं की पूर्व तैयारी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए महोत्सव को सफल, सुरक्षित और स्मरणीय बनाएं।

संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
पाली महोत्सव 2026 के माध्यम से स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प एवं खान-पान को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति प्राप्त होगी।
कलेक्टर ने कहा कि यह महोत्सव जिले की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करने का अवसर है, अतः सभी अधिकारी इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझकर कार्य करें।























