बीजापुर: नक्सली मुठभेड़ मामलों पर दण्डाधिकारी जांच, 26 अगस्त तक साक्ष्य प्रस्तुत करने की अपील
बीजापुर, 20 अगस्त 2025। जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई दो बड़ी मुठभेड़ों पर अब दण्डाधिकारी जांच शुरू की जा रही है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि इन घटनाओं के संबंध में किसी के पास कोई जानकारी या साक्ष्य है तो वे 26 अगस्त 2025 तक अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) उसूर न्यायालय में उपस्थित होकर बयान दर्ज करवा सकते हैं।
पहली मुठभेड़ – 22 मई 2025, ग्राम तुमरेल जंगल-पहाड़
थाना पामेड़ क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच लंबे समय तक फायरिंग चली। फायरिंग रुकने के बाद तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने एक अज्ञात पुरुष माओवादी का शव बरामद किया। उसके पास से 12 बोर बंदूक, जिन्दा कारतूस, एसएलआर रायफल का खाली मैगजीन और अन्य नक्सली सामग्री मिली।
दूसरी मुठभेड़ – 29 अप्रैल 2025, ग्राम पीनाचंदा-सूरचंदा जंगल-पहाड़
इसी थाना क्षेत्र में एक और मुठभेड़ हुई थी। सर्च ऑपरेशन के बाद यहाँ से भी एक अज्ञात पुरुष माओवादी का शव मिला। घटनास्थल से 9 एमएम पिस्टल मय मैगजीन, राउंड, वायरलेस सेट, पिट्ठू बैग, बैटरी और नक्सली सामग्री जब्त की गई।
जांच की प्रक्रिया
दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए दण्डाधिकारी स्तर पर कार्यवाही शुरू की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता की किसी भी जानकारी या गवाही को जांच में शामिल किया जाएगा, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को और स्पष्ट किया जा सके।






