झांसी का रहस्यमयी किस्सा: एक ही सांप 40 साल से हर 3 साल पर डसता है बुजुर्ग को, फिर भी जिंदा!
झांसी, 11 सितंबर 2025 – क्या आपने कभी सुना है कि किसी इंसान को एक ही सांप बार-बार डसे और फिर भी उसकी जान बच जाए? झांसी के पट्टी कुमर्रा गांव में रहने वाले 70 वर्षीय सीताराम अहिरवार के साथ पिछले 40 साल से बिल्कुल ऐसा ही हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि सांप अब तक उन्हें 13 बार डस चुका है, लेकिन हर बार वह बच जाते हैं। और तो और, सांप काटने के बाद परिवार उन्हें किसी डॉक्टर के पास नहीं ले जाता, बल्कि सीधे हनुमान मंदिर ले जाया जाता है, जहां झाड़-फूंक के बाद उनकी जान बचाई जाती है।
कैसे शुरू हुई अजीबोगरीब कहानी?
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सीताराम लगभग 40-42 साल के थे, जब पहली बार खेत में हल चलाते वक्त एक काले सांप ने उन्हें काट लिया। गांववालों ने उन्हें पास के हनुमान मंदिर पहुंचाया, जहां ओझा ने झाड़-फूंक करके उन्हें ठीक कर दिया।
लेकिन यह तो बस शुरुआत थी। तीन साल बाद वही घटना फिर से हुई। उसी के बाद से मानो यह सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा।
हर तीन साल में एक बार डसता है सांप
गांव के लोगों का दावा है कि हर तीन साल पर अगस्त-सितंबर (भादौ के महीने) में वही सांप सीताराम को काटता है। अब तक यह घटना 13 बार हो चुकी है।
- सांप केवल सीताराम को ही डसता है, परिवार के किसी और सदस्य को नहीं।
- हर बार घटना के बाद उन्हें मंदिर ले जाकर झाड़-फूंक किया जाता है।
- डॉक्टर के बजाय ग्रामीण परंपरागत उपायों पर भरोसा करते हैं।
सपने में आता है सांप!
सबसे रहस्यमयी पहलू यह है कि सीताराम के मुताबिक, सांप उन्हें काटने से पहले सपने में आता है और चेतावनी देता है। सपने में सांप बताता है कि “अब मैं तुम्हें काटने आऊंगा।”
सीताराम ने कई बार इससे बचने की कोशिश की, लेकिन सांप हर बार उन्हें डस ही देता है।
गांववालों की आस्था और सवाल
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गांव के ओझा कमलेश कहते हैं, “यह कोई सामान्य घटना नहीं है। यह किसी दैवीय शक्ति या अदृश्य रहस्य से जुड़ी हुई बात लगती है।”
वहीं कुछ लोग मानते हैं कि यह सिर्फ एक संयोग हो सकता है, जबकि कई ग्रामीण इसे हनुमान जी की कृपा बताते हैं कि सांप काटने के बावजूद सीताराम की जान बच जाती है।
13 बार डसा, फिर भी जीवित – विज्ञान भी चकित
सांप काटने के बाद सामान्य स्थिति में इंसान की जान जाना तय मानी जाती है, लेकिन सीताराम का बचना हर बार विज्ञान के लिए भी सवाल खड़ा करता है। क्या यह वास्तव में किसी विशेष प्रतिरोधक क्षमता का परिणाम है? या फिर सिर्फ किस्मत और आस्था का खेल?
रहस्य अब भी बरकरार
आज तक कोई यह नहीं समझ पाया है कि आखिर क्यों वही सांप हर बार सिर्फ सीताराम को ही निशाना बनाता है। गांव के लोग अब इसे किसी अलौकिक चमत्कार की तरह देखने लगे हैं।






