अगस्त 16, 2026

News Valley 24

"सच्ची खबरों की वादी" "न्यूज़ वैली 24"

जानें कहां गए जगदीप धनखड़? इस्तीफे के 40 दिन बाद खाली हुआ उपराष्ट्रपति निवास,

नई दिल्ली, 01 सितंबर 2025।
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिए हुए 40 दिन हो गए, लेकिन उनके भविष्य के ठिकाने को लेकर अब तक सस्पेंस बना हुआ था। आखिरकार यह रहस्य उजागर हुआ कि उन्होंने उपराष्ट्रपति निवास छोड़ दिया है और फिलहाल दिल्ली के छतरपुर के गदाईपुर इलाके में एक निजी घर में शिफ्ट हो गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह घर हरियाणा के नेता अभय चौटाला का फार्महाउस है। हालांकि यह एक अस्थायी ठिकाना है और सरकार की ओर से बंगला आवंटित होने तक यहीं रहेंगे।

अब तक क्यों नहीं मिला सरकारी बंगला?

नियमों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लुटियन जोन में टाइप-8 बंगला आवंटित किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, धनखड़ को 34 एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर एक टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन यह अभी तैयार नहीं है। सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) ने बताया कि बंगले की मरम्मत और साज-सज्जा में लगभग तीन महीने का समय लगेगा। तब तक धनखड़ को छतरपुर में रहना होगा।

इस्तीफे की गूंज और स्वास्थ्य कारणों का हवाला

ध्यान दिला दें कि 21 जुलाई 2025, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, धनखड़ ने अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। यह इस्तीफा भारतीय राजनीति में एक बड़ा झटका माना गया। इसके बाद से ही उनके आगे की भूमिका और रहने के ठिकाने पर चर्चाएं तेज थीं।

पेंशन को लेकर नई हलचल

सिर्फ आवास ही नहीं, पेंशन को लेकर भी हाल ही में हलचल हुई। धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा में पूर्व विधायक के तौर पर अपनी पेंशन बहाल करने के लिए आवेदन किया है। वह 1993 से 1998 तक किशनगढ़ से कांग्रेस के विधायक रहे थे। उपराष्ट्रपति बनने से पहले तक उन्हें यह पेंशन मिलती रही, लेकिन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने पर रोक दी गई थी।

यह भी पढ़िए...  ट्रंप के 'टैरिफ बम' पर अमेरिका को लगाई लताड़, भारत के समर्थन में उतरा चीन

अब उन्होंने दोबारा आवेदन किया है और अधिकारियों के अनुसार, उन्हें 42,000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलने लगेगी। यह राशि उम्र और कार्यकाल के हिसाब से तय होती है। चूंकि धनखड़ की उम्र 74 वर्ष है, इसलिए उन्हें 20 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा।

तीन पेंशन और कई सुविधाओं के हकदार

धनखड़ वर्तमान में तीन अलग-अलग पेंशनों के हकदार हैं—

  • पूर्व उपराष्ट्रपति के तौर पर लगभग 2 लाख रुपये मासिक पेंशन और टाइप-8 बंगला,
  • पूर्व सांसद होने के नाते करीब 45,000 रुपये मासिक पेंशन,
  • पूर्व विधायक के तौर पर 42,000 रुपये मासिक पेंशन

इसके अलावा, उन्हें एक निजी सचिव, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक चिकित्सक, एक नर्सिंग अधिकारी और चार निजी परिचारक की सुविधा भी मिलती है।

अब आगे क्या?

हालांकि धनखड़ ने अभी तक स्थायी रूप से 34 एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर बने अपने सरकारी बंगले में कदम नहीं रखा है, लेकिन जैसे ही मरम्मत और सजावट का काम पूरा होगा, वह वहां शिफ्ट हो जाएंगे। फिलहाल छतरपुर के फार्महाउस में उनका रहना राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

एक ओर इस्तीफे के पीछे के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर उनके नए जीवन की शुरुआत को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है। फिलहाल इतना तय है कि उपराष्ट्रपति निवास छोड़ने के बाद भी धनखड़ राजनीति और पेंशन लाभों के चलते सुर्खियों में बने रहेंगे।

यह भी पढ़िए...  कनाडा से खालिस्तानी चरमपंथियों को मिल रही आर्थिक मदद, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा; सरकार ने बढ़ाई निगरानी

About The Author


Discover more from News Valley 24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!

Discover more from News Valley 24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading