छत्तीसगढ़, सुकमा में मिड-डे मील में फिनाइल! निजी रंजिश में शिक्षक ने बच्चों की थाली में मिलाया जहर, बड़ा हादसा टला
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी आवासीय विद्यालय में मिड-डे मील में जहर (फिनाइल) मिलाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने मामले में स्कूल के सहायक शिक्षक धनंजय साहू को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह हरकत गरीब बच्चों को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि निजी रंजिश की वजह से की गई थी।
कैसे हुआ खुलासा?
यह घटना 21 अगस्त की है। सुकमा के पाकेला गांव स्थित पोर्टा केबिन स्कूल में रात के खाने के लिए सब्जी तैयार की गई थी। इसी दौरान आरोपी सहायक शिक्षक धनंजय साहू ने कथित तौर पर छात्रावास अधीक्षक दुजाल पटेल से निजी मतभेद के चलते सब्जी में फिनाइल मिला दिया।

सौभाग्य से, खाने से उठ रही तेज बदबू ने कर्मचारियों का ध्यान खींच लिया। जब जांच की गई तो पास में फिनाइल की खाली बोतलें भी पाई गईं। कर्मचारी ने तुरंत अधीक्षक को सूचना दी और पूरे भोजन को नष्ट कर दिया गया। इसी सतर्कता से बच्चों की जान बच गई, वरना यह घटना एक बड़ी त्रासदी बन सकती थी।
जांच और कार्रवाई
अधीक्षक ने पूरे मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दी। जिलाधिकारी ने तुरंत जांच के आदेश दिए। रिपोर्ट में धनंजय साहू की भूमिका साफ होने के बाद अधीक्षक ने छिंदगढ़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने माना कि उसने अधीक्षक दुजाल पटेल से निजी रंजिश के चलते यह खतरनाक कदम उठाया था। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है।
बड़ी त्रासदी टली, जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना में कोई और भी शामिल था या आरोपी ने अकेले ही यह कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते भोजन फेंक दिए जाने से बड़ी दुर्घटना टल गई, वरना दर्जनों मासूम बच्चों की जान जा सकती थी।

मिड-डे मील पर सवाल
गौरतलब है कि सरकार गरीब बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए मिड-डे मील योजना चलाती है। लेकिन समय-समय पर इस योजना में लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की खबरें आती रहती हैं। सुकमा का यह मामला दिखाता है कि निजी दुश्मनी और लापरवाही से बच्चों की जान तक खतरे में पड़ सकती है।
फिलहाल आरोपी जेल में है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। प्रशासन ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
Related posts:
चुनाव आयोग बोला- 'बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना आरोप'| राहुल गांधी के 'वोट चोरी' वाले बयान पर
जशपुर से उठी नई विकास लहर: श्रद्धांजलि से लेकर कृषि क्रांति और पर्यटन तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय क...
CUET UG पंजीकरण शुरू: स्नातक प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें पूरी जानकारी
About The Author
Discover more from News Valley 24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.






