अगस्त 16, 2026

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बांग्लादेश का दावा, भारत में अवामी लीग के दफ़्तर; विदेश मंत्रालय ने किया खंडन

नई दिल्ली।
भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि प्रतिबंधित राजनीतिक दल अवामी लीग ने दिल्ली और कोलकाता में दफ़्तर खोले हैं और भारत की ज़मीन से बांग्लादेश विरोधी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस पर भारत ने सख़्त प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को ग़लत बताया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत सरकार को अवामी लीग के कथित सदस्यों द्वारा भारत में किसी भी प्रकार की बांग्लादेश-विरोधी गतिविधियों या भारतीय क़ानून के विपरीत किसी भी कार्रवाई की जानकारी नहीं है। भारत किसी भी देश के ख़िलाफ़ अपनी ज़मीन से राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं देता।”

बांग्लादेश का आरोप

बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि प्रतिबंधित अवामी लीग के कई नेता भारत में मौजूद हैं और वे दिल्ली और कोलकाता से गतिविधियां चला रहे हैं। आरोप लगाया गया कि 21 जुलाई 2025 को दिल्ली प्रेस क्लब में इस पार्टी से जुड़े नेताओं ने एक कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की और मीडिया को बुकलेट भी बांटी गई।

बयान में कहा गया कि यह घटनाक्रम भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित कर सकता है और बांग्लादेश की जनता में नाराज़गी बढ़ा सकता है। साथ ही भारत से अपील की गई कि अवामी लीग के कथित दफ़्तरों को तत्काल बंद कराया जाए और भारत से शेख़ हसीना को वापस भेजा जाए।

भारत का जवाब

भारत ने बांग्लादेश के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह दावा ग़लत है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत में किसी भी विदेशी राजनीतिक दल को अपने देश के ख़िलाफ़ गतिविधि चलाने की अनुमति नहीं दी जाती। साथ ही मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि बांग्लादेश में जनता की इच्छा और जनादेश सुनिश्चित करने के लिए जल्द से जल्द स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराए जाने चाहिए।

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पृष्ठभूमि

5 अगस्त 2024 को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख़ हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा था। तब से ही वे भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, लेकिन भारत ने इस पर कोई स्पष्ट रुख़ नहीं अपनाया है।

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