भारतीय दलित कांग्रेस पर निर्वाचन आयोग की बड़ी कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस जारी
अंबिकापुर, 21 अगस्त 2025 – भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दल “भारतीय दलित कांग्रेस” को पंजीकृत दलों की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह प्रस्ताव रखा है।
निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई से पहले पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि यदि दल इस प्रस्तावित कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराना चाहता है तो वह 29 अगस्त 2025 तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ को लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता है। इसके साथ ही दल के अध्यक्ष या महासचिव का हलफनामा और सभी आवश्यक दस्तावेज भी अनिवार्य रूप से संलग्न करने होंगे।
सुनवाई की तारीख तय
निर्वाचन आयोग ने इस मामले की सुनवाई 29 अगस्त 2025 को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान दल के अध्यक्ष, महासचिव या प्रमुख का उपस्थित होना अनिवार्य होगा। यदि पार्टी की ओर से समयसीमा तक कोई जवाब नहीं मिलता है, तो आयोग एकतरफा निर्णय पारित करेगा।
क्यों हुई कार्रवाई?
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, भारतीय दलित कांग्रेस ने वर्ष 2019 से अब तक पिछले छह वर्षों में किसी भी लोकसभा, विधानसभा या उपचुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी ने धारा 29ए के अंतर्गत पंजीकरण के उद्देश्यों को पूरा नहीं किया और राजनीतिक गतिविधियाँ बंद कर दी हैं।
पृष्ठभूमि
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत किसी भी संघ या निकाय का राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण किया जाता है, ताकि वह चुनाव आयोग द्वारा आयोजित चुनावों में भाग ले सके। भारतीय दलित कांग्रेस ने इसी प्रावधान के अंतर्गत अपना पंजीकरण कराया था। लेकिन लगातार निष्क्रिय रहने के कारण अब उसके पंजीकरण को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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