उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 : एनडीए का मास्टरप्लान, सांसदों की ड्यूटी, वर्कशॉप और पीएम मोदी का डिनर – बड़े अंतर से जीत की तैयारी
नई दिल्ली। आगामी 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने पूरी रणनीति तैयार कर ली है। एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत सुनिश्चित करने के लिए गठबंधन अपने सभी सांसदों की शत प्रतिशत मौजूदगी और सही तरीके से मतदान पर जोर दे रहा है। एनडीए के पास फिलहाल 425 सांसदों का समर्थन है, जो जीत के लिए आवश्यक 391 वोटों से 34 ज्यादा हैं।

मंत्री-सांसदों की ड्यूटी
एनडीए ने यह सुनिश्चित करने के लिए खास व्यवस्था की है कि उसके सभी सांसद 9 सितंबर को मतदान में मौजूद रहें। हर राज्य में एक मंत्री और एक सांसद की ड्यूटी लगाई गई है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने राज्य के सांसदों को समय पर दिल्ली बुलाएं और मतदान प्रक्रिया में शामिल कराएं।
सांसदों की ट्रेनिंग और वर्कशॉप
एनडीए को पता है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है और व्हिप लागू नहीं होता। ऐसे में क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त होने का खतरा रहता है। इसे रोकने के लिए एनडीए 6 से 8 सितंबर तक सभी सांसदों की वर्कशॉप आयोजित कर रहा है।
सांसदों को ट्रेनिंग दी जाएगी कि—
- वे अपना पेन लेकर मतदान केंद्र न जाएं, केवल चुनाव अधिकारी द्वारा दिया गया पेन ही इस्तेमाल करें।
- मतपत्र पर सही तरीके से निशान लगाएं।
- मतपत्र को ठीक से फोल्ड करें ताकि स्याही न फैले और वोट अमान्य न हो।
पीएम मोदी का डिनर और संसदीय बैठकें
8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए सांसदों के लिए विशेष डिनर आयोजित करेंगे। इसके साथ ही उसी दिन दिल्ली में कई संसदीय समितियों की बैठकें रखी गई हैं, ताकि सांसद अनिवार्य रूप से दिल्ली मौजूद रहें। सांसदों को इन बैठकों के लिए यात्रा भत्ता और हवाई किराया भी मिलेगा।

जगन का समर्थन, BJD-BRS का इंतजार
एनडीए को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी का समर्थन मिल चुका है। पार्टी के लोकसभा में चार और राज्यसभा में सात सांसद हैं। इसके साथ ही एनडीए को उम्मीद है कि बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) भी साथ आएंगे।
- बीजेडी के पास राज्यसभा में 7 सांसद हैं। हालांकि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अब तक औपचारिक घोषणा नहीं की है और कहा है कि फैसला ऐन वक्त पर होगा।
- बीआरएस के पास राज्यसभा में 4 सांसद हैं। विपक्षी इंडिया गठबंधन ने बीआरएस से समर्थन मांगा है क्योंकि उसने तेलुगु उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।
पिछली बार से चुनौतीपूर्ण मुकाबला
पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव (2022) में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने 528 वोट पाकर विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 346 वोटों से हराया था। धनखड़ को लगभग 74.4% वोट मिले थे, जो अब तक की सबसे बड़ी जीतों में से एक थी।
हालांकि इस बार विपक्ष अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है, इसलिए एनडीए के लिए पिछली कामयाबी को दोहराना मुश्किल माना जा रहा है। फिर भी एनडीए की कोशिश है कि उसका वोट प्रतिशत 55% से बढ़कर 60% से ऊपर चला जाए।
स्पष्ट है कि एनडीए ने इस चुनाव को केवल जीतने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि बड़ी और प्रभावशाली जीत सुनिश्चित करने की पूरी तैयारी की है।
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