कपिल सिब्बल ने खड़े किए कई सवाल, बिहार वोटर लिस्ट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई,
वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर सदन से सड़क तक घमासान मचा है। इस बीच आज का दिन भी गहमा-गहमी वाला ही है। सबसे बड़ा अपडेट ये है कि बिहार में SIR को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय बेंच ने SIR की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल दलील रखीं। मामले की सुनवाई दोपहर 2 बजे फिर से होगी।
कपिल सिब्बल ने क्या कहा?
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि 1950 के बाद जन्मा हर व्यक्ति भारत का नागरिक है लेकिन यहां प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक छोटे से विधानसभा क्षेत्र में 12 लोगों को मृत दिखा दिया गया, जबकि वे जिंदा हैं। BLO ने कोई काम नहीं किया। सीनियर एडवोकेट गोपाल एस. ने कोर्ट को बताया कि 65 लाख नाम हटाए गए हैं, यह सामूहिक बहिष्करण है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि यह सिर्फ ड्राफ्ट रोल है। इतने बड़े अभ्यास में छोटी-मोटी गलती हो सकती है, लेकिन यह कहना कि मृत जीवित हैं, सही नहीं।
जस्टिस जॉयमाला बागची ने कहा कि ड्राफ्ट रोल से पहले जो तैयारी के कदम होते हैं, वह सही तरीके से फॉलो नहीं हुए तो यह गंभीर मामला है। कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों को गलत तरीके से मृत दिखाया गया है, उन्हें सुधारा जाएगा।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने SIR पर रोक लगाने से इनकार करते हुए चुनाव आयोग को प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। साथ ही ये भी कहा था कि अगर बड़ी संख्या में नाम हटाए गए तो सुप्रीम कोर्ट इसमें दखल देगा। ड्राफ्ट सूची में 65 लाख नाम काटे जाने पर विवाद है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने कोर्ट में जो याचिका डाली थी, उसमें दावा किया था कि 65 लाख मतदाता बिना कारण प्रभावित हो रहे हैं जिसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि SIR का काम कानूनी तौर पर हो रहा है।
विपक्ष क्या आरोप लगा रहा?
चुनाव आयोग ने 27 जुलाई को बिहार SIR के पहले चरण के आंकड़े जारी किया था। इसमें बताया गया कि बिहार में 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इनमें से 22 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, 36 लाख लोग स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि करीब 7 लाख लोगों के नाम एक से अधिक जगह पाए गए। विपक्ष चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगा रहा है जबकि बीजेपी का आरोप है कि चुनाव में हार के डर से विपक्ष ये मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है।
विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार हंगामा कर रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के सांसदों ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग तक मार्च करने की कोशिश की।
Related posts:
About The Author
Discover more from News Valley 24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.






