हॉकी एशिया कप 2025: भारत ने चौथी बार जीता खिताब, फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर रचा इतिहास
नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम ने एक बार फिर एशियाई महाद्वीप में अपनी बादशाहत साबित कर दी है। एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से मात देकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने 2013 के फाइनल की हार का बदला भी पूरा किया, जब कोरिया ने रोमांचक मुकाबले में भारत को 4-3 से हराया था।
भारत की शानदार शुरुआत
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम आक्रामक मूड में नजर आई। पहले क्वार्टर में ही सुखजीत सिंह ने गोल दागकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। टीम इंडिया को शुरुआती क्वार्टर में पेनल्टी स्ट्रोक भी मिला, लेकिन वह गोल में तब्दील नहीं हो पाया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास कायम रहा।
दिलप्रीत सिंह बने हीरो
दूसरे क्वार्टर में भारत को झटका तब लगा जब जुगराज सिंह को दो मिनट के लिए सस्पेंड कर दिया गया और टीम केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी। इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने कमाल दिखाया और कोरिया को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। इसी बीच दिलप्रीत सिंह ने शानदार गोल कर भारत को 2-0 से आगे कर दिया।
हाफ-टाइम तक स्कोर 2-0 रहा। तीसरे क्वार्टर में कोरियाई टीम ने जोरदार वापसी की कोशिश की, लेकिन दिलप्रीत सिंह ने एक और गोल करते हुए स्कोर 3-0 कर दिया और भारत की जीत लगभग तय कर दी।
अंतिम क्वार्टर में अमित रोहिदास का जलवा
चौथे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा जारी रहा। सीनियर खिलाड़ी अमित रोहिदास ने शानदार गोल करते हुए भारत को 4-0 की मजबूत बढ़त दिलाई। हालांकि, कोरियाई टीम ने आखिरकार एक गोल दागकर स्कोर 4-1 किया, लेकिन तब तक जीत भारत की झोली में लगभग आ चुकी थी।
2013 का बदला और नया इतिहास
यह जीत भारत के लिए सिर्फ खिताब तक सीमित नहीं है, बल्कि 12 साल पुराने जख्म का मरहम भी है। 2013 के फाइनल में दक्षिण कोरिया ने भारत को 4-3 से हराकर चैंपियन बना था। इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर वही intensity दिखाई और जोरदार प्रदर्शन कर जीत हासिल की।
भारत-कोरिया की बादशाहत कायम
हॉकी एशिया कप के पिछले 31 सालों में ट्रॉफी केवल भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रही है। पिछले 9 टूर्नामेंट्स में भारत ने 4 बार और दक्षिण कोरिया ने 5 बार खिताब जीता है। यह सिलसिला एशियाई हॉकी पर दोनों टीमों की बादशाहत का सबूत है।
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