82 मिनट तक दिखेगा साल का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, चूक गए तो 3 साल करना होगा इंतजार
नई दिल्ली। आसमान में एक अद्भुत खगोलीय नजारा सात सितंबर की रात को देखने को मिलेगा। इस दिन साल 2022 के बाद भारत में दिखाई देने वाला सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। खगोलविदों के अनुसार यह ग्रहण 82 मिनट तक चलेगा और इसकी खास बात यह है कि इसे देश के हर हिस्से से साफ तौर पर देखा जा सकेगा।
27 जुलाई 2018 के बाद यह पहला मौका है जब पूरे भारत से पूर्ण चंद्रग्रहण का साक्षी बना जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस मौके को यदि आप चूक गए, तो इसके बाद इतना लंबा चंद्रग्रहण आपको 31 दिसंबर 2028 को ही देखने को मिलेगा।
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क्यों और कैसे पड़ता है चंद्रग्रहण?
भारतीय खगोलीय सोसाइटी (ASI) की जनसंपर्क एवं शिक्षा समिति (POEC) की अध्यक्ष और पुणे स्थित नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स की एसोसिएट प्रोफेसर दिव्या ओबेरॉय ने बताया कि चंद्रग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है।
- हर पूर्णिमा को ग्रहण नहीं लगता क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से लगभग 5 डिग्री झुकी हुई है।
- जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और उसे हम चंद्रग्रहण के रूप में देखते हैं।
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कब और कितने समय तक दिखाई देगा ग्रहण?
- आंशिक चंद्रग्रहण – 7 सितंबर को रात 9:57 बजे से शुरू होगा।
- पूर्ण चंद्रग्रहण – रात 11:01 बजे शुरू होगा और 12:23 बजे तक चलेगा।
- इसकी कुल अवधि 82 मिनट की होगी।
- ग्रहण का समापन – रात 2:25 बजे होगा।
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान के विज्ञान, संचार एवं शिक्षा अनुभाग (SCOPE) के प्रमुख निरुज मोहन रामानुजम ने बताया कि इस ग्रहण को देशभर में बिना किसी विशेष उपकरण के देखा जा सकता है।
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सुरक्षित तरीके से कैसे देखें ग्रहण?
सूर्य ग्रहण की तरह चंद्रग्रहण देखने के लिए किसी खास चश्मे या उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। इसे आप नंगी आंखों से देख सकते हैं। साथ ही दूरबीन और टेलीस्कोप से देखने पर चंद्रमा की सतह पर छाया का अद्भुत दृश्य और भी स्पष्ट दिखाई देगा।
जवाहरलाल नेहरू तारामंडल की पूर्व निदेशक बीएस शैलजा ने कहा कि यह ग्रहण खगोल प्रेमियों और विद्यार्थियों के लिए सीखने और समझने का बेहतरीन अवसर है।
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चंद्रग्रहण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को ही होता है।
- यह तभी बनता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं।
- पूर्ण चंद्रग्रहण के समय चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई दे सकता है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है।
- इसे देखने के लिए किसी सुरक्षा उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।
- अगला इतना लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण अब 31 दिसंबर 2028 को ही होगा।
नासा और वैज्ञानिकों की सलाह
वैज्ञानिकों का कहना है कि चंद्रग्रहण न केवल एक प्राकृतिक घटना है, बल्कि यह ब्रह्मांड की गतिशीलता और खगोलीय पिंडों की स्थिति को समझने का भी एक अनोखा अवसर है।
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