“‘H Files’ का धमाका: राहुल गांधी के वोट चोरी के दावे पर चुनाव आयोग ने खोला पूरा रिकॉर्ड — जानें कौन सच बोल रहा है?”
राहुल गांधी ने हरियाणा में 25 लाख फर्जी मतदाताओं का दावा कर राजनीतिक हलचल मचा दी।
अब चुनाव आयोग ने अपने डेटा और आंकड़ों के साथ जवाब दिया है — जानें कौन-से सवाल उठे और क्या हैं जवाब।
नई दिल्ली।
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव पर एक बार फिर विस्फोटक बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हरियाणा में करीब 25 लाख मतदाता फर्जी हैं, यानी हर आठवां वोटर नकली है। उन्होंने कहा कि कई जगह एक ही महिला की तस्वीर कई बार मतदाता सूची में दोहराई गई है।
राहुल ने कहा,
“हमारे पास ‘एच फाइलें (H Files)’ हैं, जो बताती हैं कि हरियाणा का पूरा चुनाव कैसे चुराया गया। यह सिर्फ किसी क्षेत्र की नहीं, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर की गई हेराफेरी है।”
🔥 ‘हर 8 में से 1 वोटर फर्जी’ — राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा की कुल मतदाता संख्या लगभग 2 करोड़ है, और इनमें से 25 लाख वोटर फर्जी पाए गए।
उनके मुताबिक, यह फर्जीवाड़ा “संगठित तरीके से” किया गया ताकि कांग्रेस को हार का सामना करना पड़े।
उन्होंने कहा कि,
“हर 8 में से 1 मतदाता फर्जी है — यानी करीब 12.5% वोट। हमारे पास इसके 100% सबूत हैं। कांग्रेस की भारी जीत को हार में बदलने की योजना बनाई गई थी।”
🧠 राहुल गांधी ने उठाए बड़े सवाल
राहुल ने पूछा कि अगर हरियाणा की वोटर लिस्ट सही थी, तो क्यों:
- एक ही महिला की तस्वीर 100 जगह दिखी?
- एक महिला 22 बार वोट करती नजर आई?
- सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दी गई?
उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है कि वह मतदाता सूची की पारदर्शिता पर जवाब दे।
“मैं भारत के युवा, GenZ से कहता हूं कि वे इसे समझें — यह आपके भविष्य का सवाल है।”
⚖️ अब आया चुनाव आयोग का जवाब: ‘शून्य अपील, शून्य शिकायत’
राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग के सूत्रों ने भी अपना पक्ष रखा है और आंकड़ों के साथ जवाब दिया है।
सूत्रों ने कहा —
“मतदाता सूची के विरुद्ध अब तक कोई अपील दर्ज नहीं हुई। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से केवल 22 चुनाव याचिकाएं ही अदालत में लंबित हैं।”
चुनाव आयोग ने यह भी पूछा:
- कांग्रेस के पोलिंग एजेंट मतदान केंद्रों पर क्या कर रहे थे, जब फर्जी वोट डाले जा रहे थे?
- अगर किसी मतदाता की पहचान पर संदेह था, तो आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई गई?
- पुनरीक्षण के दौरान कांग्रेस के BLA (Booth Level Agents) ने कोई दावा या अपील क्यों नहीं की?
🧾 हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) का विस्तृत ब्यौरा
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने भी रिकॉर्ड पेश करते हुए कहा:
- ड्राफ्ट मतदाता सूची 2 अगस्त 2024 को प्रकाशित और सभी पार्टियों से साझा की गई।
- पुनरीक्षण (SSR) के दौरान 4,16,408 दावे व आपत्तियां प्राप्त हुईं।
- प्रदेश में 20,629 बीएलओ (Booth Level Officers) नियुक्त किए गए।
- अंतिम मतदाता सूची 27 अगस्त 2024 को प्रकाशित की गई।
- डीएम के पास या सीईओ के पास कोई अपील दर्ज नहीं हुई।
- हरियाणा में कुल 20,632 मतदान केंद्र बनाए गए।
- कुल 1,031 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
- उनके द्वारा नियुक्त 86,790 मतदान एजेंटों ने काम किया।
- मतदान के बाद समीक्षा के दौरान शून्य आपत्तियां दर्ज हुईं।
- परिणाम 8 अक्टूबर 2024 को घोषित हुए।
- कुल 23 चुनाव याचिकाएं ही अदालत में दायर हुईं।
🗣️ आयोग ने राहुल से सवाल पूछे
चुनाव आयोग के सूत्रों ने पलटकर राहुल गांधी से ही सवाल किए:
- “क्या राहुल गांधी SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का समर्थन करते हैं, जो मृत, डुप्लिकेट और स्थानांतरित मतदाताओं को हटाने का काम करती है, या वे उसका विरोध कर रहे हैं?”
- “बिहार में SIR के दौरान कांग्रेस ने एक भी अपील क्यों नहीं की?”
- “अगर फर्जी वोटरों ने बीजेपी को वोट दिया, तो राहुल गांधी को यह कैसे पता?”
सूत्रों ने कहा कि “कुछ वीडियो क्लिप अधूरी दिखाई जा रही हैं, और हाउस नंबर जीरो उन जगहों के लिए है जहां नगरपालिकाओं ने अभी तक हाउस नंबर जारी नहीं किए हैं।”
💬 ‘कांग्रेस को मिला नुकसान’ — राहुल गांधी का दावा कायम
राहुल गांधी ने कहा कि इस वोटर लिस्ट घोटाले की वजह से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलट्स में कांग्रेस को बहुमत मिल रहा था, लेकिन फाइनल काउंटिंग में आंकड़े पलट गए।
“हमें पूरा यकीन है कि जो कांग्रेस की जीत थी, उसे हार में बदल दिया गया।”
🧩 ‘H Files’ का रहस्य
राहुल गांधी ने पहली बार ‘H Files’ शब्द का इस्तेमाल किया है, जो हरियाणा के कथित वोटिंग फर्जीवाड़े से जुड़ी आंतरिक रिपोर्ट बताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस रिपोर्ट को सार्वजनिक कर सकती है और आगे की कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग और न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएगी।
🔖 Conclusion (निष्कर्ष):
हरियाणा की मतदाता सूची पर राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच यह जुबानी जंग अब डेटा और सबूतों की लड़ाई बन चुकी है।
जहां राहुल गांधी इसे “लोकतंत्र की चोरी” बता रहे हैं, वहीं आयोग अपने रिकॉर्ड से यह साबित करने में जुटा है कि सब कुछ पारदर्शी था।
अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस इन “H Files” को सार्वजनिक करती है या नहीं — और क्या इससे हरियाणा की राजनीति में नया मोड़ आता है।
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