अगस्त 3, 2026

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“कैमरे में कैद ‘मौन शिकारी’: मड़वा पॉवर प्लांट में तेन्दुए की एंट्री से हड़कंप, वन विभाग ने जारी की चेतावनी!”

🐆 मड़वा पॉवर प्लांट में कैमरे में कैद हुआ तेन्दुआ, वन विभाग अलर्ट पर

जांजगीर-चांपा, 29 अक्टूबर 2025।
जिले में अचानक एक रोमांचक और थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। मड़वा पॉवर प्लांट परिसर में लगे सुरक्षा कैमरों में एक तेन्दुआ (Leopard) की स्पष्ट तस्वीरें रिकॉर्ड हुई हैं। यह दृश्य 28 अक्टूबर की रात कैमरे में दर्ज हुआ, जिसके बाद से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।

जैसे ही फुटेज सामने आई, वन विभाग की टीम ने तत्काल क्षेत्र का निरीक्षण किया और आसपास के ग्रामों को सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए। विभाग ने लोगों से कहा है कि यह स्थिति भय का नहीं बल्कि सावधानी बरतने का समय है।


🌿 तेन्दुआ: जंगलों से सटे क्षेत्रों में स्वाभाविक आगमन

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में तेन्दुआ एक सामान्य वन्यजीव है।
मौसम परिवर्तन और शीत ऋतु के आगमन पर जब शिकार की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं, तो ऐसे वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलकर मानव क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं।
इसी कारण यह घटना प्राकृतिक व्यवहार का हिस्सा है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।


⚠️ वन विभाग की नागरिकों से सावधानी की अपील

वन विभाग ने नागरिकों से कुछ आवश्यक एहतियाती उपायों का पालन करने की अपील की है:

  1. वृद्धजन और बच्चे प्रातःकाल व सायंकाल अकेले बाहर न निकलें।
  2. खुले में शौच से बचें, क्योंकि इससे वन्यजीवों से अनावश्यक आमना-सामना हो सकता है।
  3. पशुपालक अपने पशुधन (बकरी, मुर्गी, सुअर आदि) को रात्रि के समय सुरक्षित बाड़े में रखें।
  4. पालतू कुत्ते या बिल्ली रखने वाले लोग उन्हें रात में घर के अंदर रखें।
  5. तेन्दुए या अन्य वन्यजीवों को चिढ़ाने, डराने, पत्थर फेंकने या जीवित तारों का प्रयोग करने जैसे कार्य न करें।
    यह सभी कार्य वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत शिकार की श्रेणी में आते हैं और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
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🧭 मानव परिहारक प्राणी है तेन्दुआ

वन विभाग के अनुसार, तेन्दुआ एक मानव परिहारक प्राणी (Human Avoiding Animal) है, जो सामान्यतः इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाता।
संभावना है कि यह तेन्दुआ भोजन या आश्रय की खोज में अपने जंगल क्षेत्र से भटककर प्लांट क्षेत्र में आ गया हो।
विभाग ने नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील की है और कहा है कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें


📞 सूचना देने के लिए संपर्क करें

यदि किसी क्षेत्र में तेन्दुआ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो लोग तत्काल सूचना दें:

  • उड़दस्ता प्रभारी श्री टेकराज सिदार (मो. नं. 8223813383)
  • या अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को संपर्क करें।

वन विभाग की टीमें क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी कर रही हैं। अधिकारीयों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों को अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।


🛡️ तेन्दुआ — अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित प्राणी

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (Schedule-I) के अंतर्गत तेन्दुआ को सर्वाधिक संरक्षण प्राप्त प्रजातियों में गिना गया है।
इसलिए इसके प्रति संवेदनशीलता, सह-अस्तित्व की भावना और संरक्षण की प्रवृत्ति हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।


🌍 प्रकृति के साथ संतुलन ही सुरक्षा की कुंजी

वन विभाग ने कहा है कि मानव और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व ही जंगलों की वास्तविक सुरक्षा है।
तेन्दुए जैसी घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि हमारे औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तार धीरे-धीरे जंगलों तक पहुँच चुका है, और ऐसे में संवेदनशीलता व जागरूकता ही समाधान है।

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