धोनी की कप्तानी में टीम से बाहर होने का राज खोला इरफान पठान ने, बोले– हुक्का न पीने की वजह से नहीं मिला मौका
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने एक बार फिर उस दौर का खुलासा किया है, जब उन्हें अचानक ही टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में यह फैसला लिया गया था, जिसकी असली वजह को लेकर लंबे समय तक अटकलें लगती रहीं। अब एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें इरफान पठान ने धोनी की टीम में चयन से जुड़ा ‘डार्क सीक्रेट’ बताया था।

अचानक क्यों ड्रॉप हुए इरफान पठान?
इरफान पठान साल 2012 से भारतीय टीम से बाहर रहे और उसके बाद उनकी वापसी कभी नहीं हो पाई। धोनी की कप्तानी के दौरान इस फैसले ने कई क्रिकेट प्रेमियों को चौंकाया था। इरफान ने इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बाहर करने की वजह उनके मैदान पर प्रदर्शन से ज्यादा टीम के अंदरूनी माहौल से जुड़ी थी।
उन्होंने कहा, “मुझे किसी के कमरे में हुक्का लगाने की आदत नहीं थी और न ही मैं इस तरह की चीजों में शामिल होता था। लेकिन टीम में यही कल्चर चल रहा था। मैंने हमेशा सिर्फ मैदान पर अपने खेल पर फोकस किया।”
धोनी से हुई थी सीधी बात
इरफान ने बताया कि 2008 में ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान धोनी का बयान आया था कि वे अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहे। इस पर वे खुद माही से मिलने गए थे। उस समय धोनी ने उनसे कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा है। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।

आरोप और सवाल
इरफान पठान का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्रिकेट फैंस इस खुलासे के बाद धोनी की कप्तानी शैली और टीम चयन पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि धोनी हमेशा से अपने शांत और सख्त फैसलों के लिए जाने जाते रहे हैं।
इरफान के इस बयान ने एक बार फिर उस दौर की याद दिला दी है, जब कई दिग्गज खिलाड़ी अचानक टीम से बाहर कर दिए गए थे। अब यह बहस छिड़ गई है कि क्या भारतीय क्रिकेट में चयन हमेशा ‘परफॉर्मेंस’ के आधार पर होता रहा है या फिर टीम के अंदरूनी माहौल भी इसमें अहम भूमिका निभाता है।
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