धरती हिली दो बार: असम से कर्नाटक तक भूकंप के झटके, भूटान-बांग्लादेश तक महसूस हुई दहशत
📌 नई दिल्ली/गुवाहाटी/बेंगलुरु
रविवार का दिन भारत के लिए डर और दहशत लेकर आया। देश के कई हिस्सों में धरती हिली और लोगों को अपने घरों से बाहर भागना पड़ा। एक तरफ उत्तर-पूर्वी भारत में रिक्टर पैमाने पर 5.9 तीव्रता का तेज भूकंप दर्ज किया गया, वहीं दूसरी ओर कर्नाटक में भी हल्के झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र महज 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे कंपन ज्यादा तीव्र महसूस किया गया।
असम और उत्तर बंगाल में जोरदार झटके
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस (GFZ) के मुताबिक, शाम 4:41 बजे असम के उदलगिरी जिले में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था।
- झटके गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में महसूस हुए।
- भूकंप की लहरें भूटान और बांग्लादेश तक जा पहुंचीं।
लोगों ने बताया कि कंपन इतना तेज था कि ऐसा लगा जैसे घर की छत गिर जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा, “भूकंप इतना भयानक था कि मेरे पैर अभी भी कांप रहे हैं।”
दहशत में लोग, लेकिन राहत की खबर
गुवाहाटी और उत्तर बंगाल में लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कर्नाटक में भी धरती डोली
उधर, दोपहर 1:44 बजे कर्नाटक के रायचूर जिले में भी हल्के झटके महसूस हुए।
- इसकी तीव्रता 2.7 मापी गई।
- भूकंप का केंद्र 16.04 उत्तरी अक्षांश और 76.63 पूर्वी देशांतर पर, जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था।
हालांकि, यहां भी किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पूर्वी भारत भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है। इस वजह से यहां अक्सर मध्यम से तेज भूकंप आते रहते हैं। वहीं दक्षिण भारत में झटके कम महसूस होते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी छोटे भूकंप देखने को मिले हैं।
निचोड़
रविवार को आए इन झटकों ने यह साफ कर दिया है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। फिलहाल राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़ी क्षति की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
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