जुलाई 8, 2026

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अखिलेश यादव का BJP पर तंज: ‘दिव्य-भव्य’ से पहले ‘सभ्य’ बने सरकार — शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने पर सियासत गर्म

Akhilesh Yadav, wearing a red hat and pink scarf, passionately addresses an audience at a political event.

प्रयागराज (UP News): मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम नोज की ओर बढ़ रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रशासन ने आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, “साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ अप्रिय व्यवहार दुखद है। भाजपा सरकार ‘दिव्य-भव्य’ के दावे से पहले ‘सभ्य’ बने।”

🚨 माघ मेले में प्रशासन और शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की

मौनी अमावस्या के मौके पर संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन को कठिनाई हुई। इसी बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिसकर्मियों ने बीच रास्ते में रोक दिया।
शंकराचार्य के अनुयायियों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की, जिसके बाद उन्होंने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया और अखाड़े में लौट गए।

🕉️ शंकराचार्य बोले — “हमें पवित्र स्नान से रोका गया”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा,

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A prominent figure seated on a platform surrounded by a crowd during a vibrant religious procession, with supporters holding banners and flags.

“अब स्थिति यह है कि हमें पवित्र स्नान करने से रोका जा रहा है। हमने अपने लोगों से वापस लौटने के लिए कहा है क्योंकि प्रशासन प्रक्रिया को रोक रहा है। हमने प्रशासन का समर्थन किया, लेकिन अब यह उन्हीं पर निर्भर है कि क्या सही है।”

उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस रवैये के चलते उन्होंने मौनी अमावस्या पर स्नान न करने का निर्णय लिया है।

🌊 तीर्थयात्रियों की भारी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या का स्नान सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। ठंड और घने कोहरे के बावजूद हजारों श्रद्धालु संगम घाट पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन निगरानी तैनात की थी ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

घटना के बाद अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार को पहले सभ्यता का परिचय देना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

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