नेपाल: राजतंत्र से लोकतंत्र तक – कैसे ढह गया सदियों पुराना शाह राजवंश?
काठमांडू से विशेष रिपोर्ट
नेपाल कभी हिंदू राष्ट्र के रूप में राजशाही की परंपरा से जुड़ा रहा है। सदियों से चले आ रहे शाह राजवंश ने देश की सत्ता संभाली, लेकिन 21वीं सदी आते-आते हालात ऐसे बने कि इस राजवंश का अचानक अंत हो गया।
राजनीतिक अस्थिरता, जनआंदोलन, माओवादी विद्रोह और जनता में लोकतंत्र की बढ़ती चाह ने नेपाल को धीरे-धीरे उस मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां राजशाही का ताज इतिहास की किताबों में सिमटकर रह गया।
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राजशाही की जड़ें: शाह वंश की शुरुआत
- प्रिथ्वीनारायण शाह (1723–1775) ने नेपाल को एकजुट कर शाह वंश की नींव रखी।
- गोरखा राज्य से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरा नेपाल शाह राजवंश के अधीन आ गया।
- लंबे समय तक राजाओं को राष्ट्र का धार्मिक और राजनीतिक संरक्षक माना गया।
लोकतंत्र की मांग और विरोध की लहर
- 1951 में पहला जनआंदोलन हुआ, जिससे राणा शासन का अंत हुआ और आंशिक लोकतंत्र की शुरुआत हुई।
- लेकिन 1960 में राजा महेंद्र ने संसद भंग कर पंचायती व्यवस्था लागू की।
- धीरे-धीरे जनता में असंतोष बढ़ा और 1990 में जनआंदोलन के बाद बहुदलीय लोकतंत्र बहाल हुआ।
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राजदरबार हत्याकांड: विश्वास का टूटना
2001 में राजमहल के अंदर हुए नरसंहार ने राजशाही की साख को गहरी चोट पहुंचाई।
राजकुमार दीपेंद्र द्वारा किए गए इस कांड में राजा बीरेन्द्र, रानी ऐश्वर्या और शाही परिवार के कई सदस्य मारे गए।
इस घटना ने जनता में राजशाही के प्रति गहरा अविश्वास पैदा कर दिया।
माओवादी विद्रोह और सत्ता संकट
- 1996 से 2006 तक नेपाल में माओवादी विद्रोह चला।
- इस गृहयुद्ध में 17,000 से अधिक लोग मारे गए।
- जनता चाहती थी कि राजशाही खत्म कर लोकतांत्रिक गणराज्य स्थापित हो।
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2006 का ऐतिहासिक जनआंदोलन
- 2006 में हुए दूसरे जनआंदोलन (लोकतंत्र आंदोलन) ने हालात बदल दिए।
- लाखों लोग सड़कों पर उतर आए और राजा ज्ञानेन्द्र को सत्ता छोड़नी पड़ी।
- संसद बहाल हुई और नेपाल को संवैधानिक रूप से राजतंत्र मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
राजशाही का औपचारिक अंत
- 28 मई 2008 को नेपाल की संविधान सभा ने राजशाही खत्म करने और देश को संसदीय लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया।
- इसी के साथ 240 साल पुराना शाह राजवंश इतिहास बन गया।
- राजा ज्ञानेन्द्र को महल छोड़कर साधारण नागरिक के रूप में जीवन जीना पड़ा।
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नेपाल की नई पहचान
आज नेपाल लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां राष्ट्रपति राष्ट्र प्रमुख होते हैं और प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं।
राजशाही का अंत नेपाल के इतिहास में एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, जिसने देश को लोकतंत्र की ओर अग्रसर किया।
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