“राजनांदगांव में कांग्रेस का तीखा विरोध: प्रधानमंत्री व ईडी के खिलाफ पुतला दहन, जितेंद्र मुदलियार बोले—लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं”
राजनांदगांव। केंद्र सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर शुक्रवार को शहर में कांग्रेस ने जोरदार और आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। जयस्तंभ चौक में भारी संख्या में जुटे कांग्रेसजनों ने प्रधानमंत्री और ईडी का पुतला दहन कर विरोध जताया। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई को कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया।
मुदलियार का तीखा हमला—“लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला बर्दाश्त नहीं”

पुतला दहन से पहले जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि—
“विपक्ष को डराने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर जैसी एजेंसियों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले विपक्ष पर दबाव बनाने की यह सोची-समझी रणनीति है। जब भी कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाती है, तभी विपक्षी नेताओं पर लगातार नए मामले थोप दिए जाते हैं।”
उन्होंने इसे संवैधानिक संस्थाओं के खुला दुरुपयोग बताया और कहा कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाली नहीं है।
“महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट चरम पर हैं, लेकिन सरकार जवाब देने की बजाय विपक्ष को चुप कराने में व्यस्त है।”
नारेबाजी, रैलियां और पुतला दहन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और ईडी की कार्रवाई को तुरंत निरस्त करने की मांग की। पुतला दहन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक मार्च भी निकाला, जिसमें शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की कार्रवाई बंद नहीं होती, तो जिलेभर में और भी बड़े आंदोलन किए जाएंगे।
नेताओं की भारी उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—
पूर्व महापौर हेमा देशमुख, पूर्व अध्यक्ष पदम कोठारी, पूर्व अध्यक्ष भागवत साहू, आफताब आलम, मामराज अग्रवाल, संतोष पिल्ले, अमित चंद्रवंशी, सूर्यकांत जैन, आसिफ अली, चुम्मन साहू, पंकज बांधव, राकेश जोशी, बबलू कसार, प्रेम रुपचंदानी, अशोक पंजवानी, नीरज कन्नौजे, सुरेश सिन्हा, राजा तिवारी, मुकेश साहू, गणेश पवार, राजिक सोलंकी, चेतन भानुशाली, सचिन तुरहाटे, ऋषि शास्त्री, अभिमन्यु मिश्रा, राजा यादव, राहुल देवांगन, राकेश चंद्राकर, झम्मन देवांगन, विनोद यादव बंटी, अब्दुल कलाम, अब्दुल राजिक, राजकुमार जायसवाल, जितेंद्र साहू, हनीफ खान, सलमान रजा, भरत सोनी, सुरेंद्र देवांगन, गोपी रजक, सागर ताम्रकार, शेषनाथ, जागेश्वर साहू, मो. नासिर, हीरा सोनी, लक्ष्मण साहू, दीनू साहू, मो. मुस्तफा जोया, संगीता साहू, आदित्य वैष्णव और कई अन्य शामिल रहे।
भीड़ और उत्साह का यह स्तर बताता है कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज हो सकता है।
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