जुलाई 30, 2026

News Valley 24

"सच्ची खबरों की वादी" "न्यूज़ वैली 24"

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बिहार SIR विवाद में आधार कार्ड बना ‘12वां दस्तावेज’, लाखों मतदाताओं को मिली राहत

नई दिल्ली, 8 सितम्बर 2025। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को अब 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा, जिससे राज्य के लाखों मतदाताओं को राहत मिलेगी।

[Google Ads]

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की जटिलता होगी आसान

बिहार में अब तक वोटर आईडी और आधार कार्ड को मान्यता नहीं दी जा रही थी। ऐसे में जिन लोगों के पास पुराने नागरिकता संबंधी दस्तावेज नहीं थे, उनके लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाना बेहद मुश्किल हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब ऐसे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने का आदेश अपने अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं माना जाएगा

[Google Ads]

नागरिकता साबित करने के लिए जारी थे 11 दस्तावेज

SIR प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग ने नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेजों की सूची जारी की थी। इनमें राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, भूमि संबंधी कागजात आदि शामिल थे। लेकिन इन दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण लाखों लोग परेशानी में थे। अब आधार कार्ड को सूची में शामिल किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।

आधार की प्रामाणिकता की जांच होगी जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अधिकारियों को आधार कार्ड की प्रामाणिकता और वास्तविकता की जांच करने का पूरा अधिकार होगा। यानी केवल आधार दिखा देने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसकी सत्यता की भी पुष्टि करनी होगी।

यह भी पढ़िए...  Bihar Voter List: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, 65 लाख हटाए गए मतदाताओं की सूची ऑनलाइन जारी

[Google Ads]

बिहार में क्यों मचा था बवाल?

SIR को लेकर बिहार में पिछले कई महीनों से राजनीति गर्माई हुई थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया लाखों गरीब और हाशिए पर खड़े मतदाताओं को सूची से बाहर करने की साजिश है। वहीं, कई लोगों ने यह भी कहा कि बिना आधार या नए दस्तावेजों के वोट देने का उनका अधिकार छिन जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इस विवाद पर काफी हद तक विराम लगने की उम्मीद है।

About The Author


Discover more from News Valley 24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

यह भी पढ़िए...  पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा से मांगी पेंशन, 1993 में बने थे विधायक

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!

Discover more from News Valley 24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading