इंडिया ब्लॉक ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया
लीड: विपक्षी INDIA गठबंधन ने मंगलवार को पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद, उपराष्ट्रपति के लिए अपना साझा उम्मीदवार घोषित किया है। यह घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई नेताओं की बैठक के बाद की गई। इससे एक दिन पहले, एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
बी. सुदर्शन रेड्डी कौन हैं? उनका सम्पूर्ण परिचय:
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
- जन्म: 8 जुलाई 1946, अकुला माइल्यारम गांव, इब्राहिमपट्नम तालुक, रंगा रेड्डी ज़िला, आंध्र प्रदेश।
- शिक्षा: हैदराबाद स्थित ओस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून स्नातक (LL.B.), सन 1971 में।
विधिक प्रारंभ और न्यायिक कार्य
- 27 दिसंबर 1971 को हैदराबाद बार में वकालत की शुरुआत—मुख्य रूप से सिविल और संवैधानिक मामलों में।
- 8 अगस्त 1988: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के सरकारी वादी (Government Pleader) नियुक्त।
- 1990: केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्टैंडिंग काऊंसल के रूप में भी कार्य।
- 1993: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष निर्वाचित; साथ ही ओस्मानिया विश्वविद्यालय के लीगल एडवाइजर भी रहे।
- 2 मई 1995: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश बने।
- 5 दिसंबर 2005: गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) नियुक्त।
- 12 जनवरी 2007: सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत; 8 जुलाई 2011 को सेवा से निवृत्त हुए।
- मार्च 2013: गोवा के पहले लोकायुक्त (Lokayukta) बने; अक्टूबर 2013 में निजी कारणों से इस्तीफा दिया।
- इसके अलावा, कई न्यायिक परिषद और पर्यवेक्षण प्रोजेक्ट्स में सक्रिय भूमिका निभाई है, जैसे कर्नाटक में खनन प्रभावित क्षेत्रों की पर्यावरणीय परियोजनाओं का सीईपीएमआईजेड (CEPMIZ) कार्यान्वयन** मॉनिटर**।
- वर्तमान में, वे अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता एवं वाणिज्यिक समाधान केन्द्र (IAMC) के लाइफ ट्रस्टी बोर्ड में शामिल हैं।
राजनीतिक संदर्भ और आगामी चुनाव
- अगला उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को निर्धारित है। यह चुनाव जगदीप धारखड़ के स्वास्थ्य की वजह से पद से त्यागपत्र देने के बाद हुआ है।
- नामांकन की अंतिम तिथि: 21 अगस्त 2025।
- संसद के दोनों सदनों की संयुक्त strength 786 सदस्यों में से, 394 वोट अधिकतम संख्या के लिए जरूरी।
- पिछली बार विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा को मैदान में उतारा था, लेकिन वे धारखड़ से हार गईं थीं।
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