“किताबों की चिता और फॉरेंसिक दिमाग: जब प्रेम, प्रतिशोध और विज्ञान ने रच डाली सबसे डरावनी साजिश”
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025 — राजधानी दिल्ली के तिमारपुर स्थित गांधी विहार इलाके में घटित रामकेश मीणा हत्याकांड न केवल एक सनसनीखेज प्रेम-हत्या का मामला है, बल्कि यह उन घटनाओं में से एक है जिसने यह दिखा दिया कि अपराध चाहे कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, तकनीक के सामने सच देर तक नहीं छिप सकता।
फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई कर चुकी छात्रा अमृता चौहान ने अपने प्रेमी और यूपीएससी अभ्यर्थी रामकेश मीणा की हत्या इस हद तक सोची-समझी साजिश के तहत की कि उसने अपनी शिक्षा, ज्ञान और अपराध विज्ञान की हर तकनीक का इस्तेमाल सबूत मिटाने में किया। लेकिन मोबाइल फोन की लोकेशन और सीसीटीवी कैमरे ने उसकी सारी चालाकी का पर्दाफाश कर दिया।
🔥 किताबों से बनी चिता, शराब और घी से रची “आग की कहानी”
हत्या के बाद अमृता और उसके पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप ने शव को ठिकाने लगाने की भयावह योजना बनाई। रामकेश को पीटने और गला घोंटकर मारने के बाद उन्होंने शव को बेड पर लिटाया। रसोई से घी और रिफाइंड तेल लाकर शव पर डाला गया। फिर UPSC की तैयारी में इस्तेमाल होने वाली मोटी किताबों को शव के चारों ओर इस तरह सजाया गया जैसे किसी चिता की परतें हों।
कमरे में रखी शराब की बोतल भी इन किताबों पर उड़ेल दी गई ताकि आग तेजी से फैले। गैस सिलिंडर को रामकेश के सिर के पास रखा गया, रेग्यूलेटर को बहुत धीरे खोला गया ताकि धीरे-धीरे कमरे में गैस फैले। बाहर से जाली दरवाजा बंद कर दिया गया ताकि हादसा “असली” लगे।
रात 2:57 बजे, दोनों ने लाइटर से कमरे में आग लगा दी और चेहरे ढककर बाहर निकल गए। कुछ ही देर में सिलिंडर में धमाका हुआ — आग ने सबकुछ निगल लिया, और रामकेश के शरीर के टुकड़े कमरे में बिखर गए।
🕵️ फॉरेंसिक टीम की नजर में एक “अनजाना सवाल”
शुरुआती जांच में मामला हादसा लग रहा था। लेकिन जब फॉरेंसिक टीम ने देखा कि सिलिंडर रसोई के बजाय कमरे में था, शक की सुई वहीं से घूम गई। शव की स्थिति और जले हुए सामानों ने भी कई सवाल खड़े किए।
फिर सीसीटीवी फुटेज सामने आई — जिसमें 5 अक्टूबर की रात 8:30 बजे दो युवक फ्लैट में जाते दिखे, और 2:57 बजे दो लोग चेहरे ढककर बाहर निकलते नजर आए। इनमें एक महिला की आकृति अमृता चौहान जैसी लग रही थी।
📱 मोबाइल लोकेशन ने खोल दी साजिश की परतें
जब पुलिस ने अमृता का मोबाइल ट्रैक किया तो घटना के वक्त उसकी लोकेशन गांधी विहार फ्लैट में ही मिली। मोबाइल लगातार बंद आ रहा था, जिससे शक और गहराया। इंस्पेक्टर पंकज तोमर की टीम ने पीछा करते हुए आखिरकार 18 अक्टूबर को अमृता को मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
उसकी निशानदेही पर 21 अक्टूबर को सुमित कश्यप, और 23 अक्टूबर को संदीप कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों को दो-दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।
💔 प्रेम, ब्लैकमेल और बदले की कहानी
जांच में पता चला कि मई 2025 में अमृता और रामकेश की मुलाकात हुई थी। कुछ महीनों में रिश्ता प्यार में बदल गया और दोनों लिव-इन में रहने लगे। लेकिन धीरे-धीरे अमृता को पता चला कि रामकेश ने उनके अंतरंग वीडियो और फोटो रिकॉर्ड कर लिए हैं।
जब अमृता ने उन्हें डिलीट करने को कहा तो रामकेश हर बार टाल देता था। यह बात अमृता को बर्दाश्त नहीं हुई। उसने यह बात अपने पूर्व प्रेमी सुमित को बताई, और दोनों ने मिलकर रामकेश को “हमेशा के लिए” खत्म करने की योजना बना ली।
🧳 हत्या, लूट और फरारी
हत्या के बाद अमृता और सुमित ने फ्लैट की तलाशी लेकर हार्ड डिस्क, दो लैपटॉप, और ट्रॉली बैग में अपने कपड़े भर लिए। फिर रात के अंधेरे में सबकुछ छोड़कर निकल गए। उस वक्त अमृता ने रामकेश की शर्ट पहन रखी थी ताकि सीसीटीवी में उसे पहचानना मुश्किल हो।
👩🔬 अपराध और शिक्षा का विकृत संगम
यह केस सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि ज्ञान का गलत इस्तेमाल कैसे विनाशकारी हो सकता है।
अमृता, जिसने फॉरेंसिक साइंस पढ़कर अपराध की जांच करना सीखा था, वही अपराध छिपाने की कला में पारंगत बनने की कोशिश में खुद को जेल के शिकंजे में फंसा बैठी है।
⚖️ पुलिस का निष्कर्ष
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह केस “आधुनिक युग की सबसे योजनाबद्ध लेकिन असफल हत्याओं में से एक” है।
फॉरेंसिक तकनीक, मोबाइल ट्रैकिंग और सीसीटीवी ने वो कर दिखाया जो अपराधी ने सोचा भी नहीं था।
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