जम्मू-कश्मीर में भीषण तबाही: डोडा में बादल फटा, 3 की मौत, वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई, सीएम उमर अब्दुल्ला ने हालात को बताया गंभीर
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने कहर बरपा दिया है। मंगलवार (26 अगस्त 2025) की सुबह डोडा जिले के चरवा और मरम्मत इलाकों में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 15 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इलाके में बचाव और राहत कार्य जारी है, लेकिन सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राहत दलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बचाव अभियान में मुश्किलें
डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह ने बताया कि प्रभावित इलाका सड़क मार्ग से पूरी तरह जुड़ा नहीं है। वहां तक पहुंचने के लिए लगभग 40–50 मिनट का पैदल सफर करना पड़ रहा है। इससे राहत और बचाव कार्यों की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है और बीती रात तो बारिश का स्तर बेहद खतरनाक था।
इस दौरान डोडा जिले में तीन फुट ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

यातायात पूरी तरह ठप
डोडा के कमिश्नर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते एनएच-244 (डोडा–किश्तवाड़ मार्ग) पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जंगलगवार नाले के पास सड़क का हिस्सा बह गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही असंभव हो गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि फिलहाल यात्रा करने से बचें।
सीएम उमर अब्दुल्ला की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपात समीक्षा बैठक की और हालात को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि वे खुद हालात की निगरानी कर रहे हैं और जल्द ही श्रीनगर से जम्मू जाएंगे। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित जिलों के उपायुक्तों को आपातकालीन बहाली कार्यों और अन्य आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाए।
केंद्रीय मंत्री का बयान
इस बीच केंद्रीय मंत्री और उधमपुर से सांसद जितेंद्र सिंह ने भी डोडा के डीसी से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि भलेसा के चरवा इलाके में अचानक बाढ़ आई है। फिलहाल किसी और जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

वैष्णो देवी यात्रा रोकी गई
भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। मौसम विभाग ने जम्मू क्षेत्र में 26 अगस्त को “रेड वार्निंग” जारी की है। विभाग का अनुमान है कि अगले 40 घंटों तक मध्यम से भारी बारिश जारी रह सकती है।
रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मंगलवार सुबह 08:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे के बीच जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
- सांबा : 136.0 मिमी
- बुर्मल (कठुआ) : 97.5 मिमी
- जम्मू : 93.0 मिमी
- भद्रवाह (डोडा) : 92.0 मिमी
- रियासी : 84.0 मिमी
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बसंतर, तवी और चिनाब नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और वर्तमान में चेतावनी स्तर पर है। ऐसे में निवासियों और पर्यटकों को नदी किनारों और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।

14 अगस्त को किश्तवाड़ में भी तबाही
गौरतलब है कि 14 अगस्त को भी जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। उस हादसे में कम से कम 65 लोगों की मौत हो गई थी और कई घर बह गए थे।
डोडा की यह नई घटना एक बार फिर से राज्य में मानसून की मार को उजागर करती है, जहां भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं।
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