बस्तर की बदलती तस्वीर: ‘रेड कॉरिडोर’ से ‘डेवलपमेंट कॉरिडोर’ तक, 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत का खाका
बीजापुर, 14 सितंबर 2025।
कभी नक्सलवाद की पहचान से जूझता बस्तर अब विकास की नई कहानी लिख रहा है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सुरक्षा, विकास और पुनर्वास केंद्रित नीतियों के कारण नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक पूर्णतः नक्सल-मुक्त भारत बनाने का है।
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✦ “हिंसा का भविष्य नहीं, विकास ही भविष्य है”
श्री साहू ने स्पष्ट संदेश दिया – “भविष्य केवल विकास का है। कभी रेड कॉरिडोर कहे जाने वाले इलाके अब डेवलपमेंट कॉरिडोर बन रहे हैं। सड़कें, बिजली, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी भय और पिछड़ेपन की जगह ले रही हैं।”
उन्होंने बताया कि पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति 2025 के तहत नक्सली आत्मसमर्पण करने पर नकद प्रोत्साहन, मासिक भत्ता, भोजन-आवास, शिक्षा और रोजगार सहायता दी जा रही है। सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को दोगुने लाभ और नक्सल-मुक्त घोषित पंचायतों को एक करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिल रहा है।
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✦ “नियाद नेल्लनार योजना” – आदर्श गाँवों की नई पहल
श्री साहू ने बताया कि इस योजना के तहत बस्तर के 90 गाँवों को आदर्श गाँव बनाया जा रहा है। यहां सड़क, पानी, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा – “यह केवल विकास की पहल नहीं, बल्कि आदिवासी युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास के जरिए मुख्यधारा में शामिल करने का अभियान है।”
✦ बस्तर ओलंपिक से मिला नया आत्मविश्वास
कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद बस्तर के विकास पर नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों और डिजिटल कनेक्टिविटी ने किसानों और व्यापारियों को नए बाजार दिए हैं।
उन्होंने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा – “इस आयोजन ने युवाओं को हिंसा और नशे से दूर कर खेल और संस्कृति से जोड़ा है। हजारों युवाओं की भागीदारी ने दिखा दिया कि बस्तर का भविष्य खेल, शिक्षा और कौशल विकास में है।”
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✦ बीजापुर में दिख रहा विकास का असर
जिलाधिकारी संबित मिश्रा ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला-शिशु कल्याण और जलापूर्ति के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है।
- 45 हजार से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड
- 36 हजार से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ
- हर-घर-जल से ग्रामीणों को पाइप जलापूर्ति
- नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और सड़क नेटवर्क का विस्तार
✦ पुलिस-प्रशासन का साझा मिशन
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने कहा कि नक्सल-मुक्त अभियान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा और पुनर्वास नीतियों को समानांतर लागू किया जा रहा है, जिससे नक्सली प्रभाव तेजी से घट रहा है।
उन्होंने नक्सलियों से अपील की – “सरकार हिंसा छोड़कर लौटने वालों को हर संभव सहायता और सुरक्षा देने को तैयार है। यह केवल एक नीति नहीं, बल्कि शहीद जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।”
✦ निष्कर्ष
बीजापुर का यह कार्यक्रम साबित करता है कि बस्तर अब हिंसा और भय की पहचान से आगे बढ़कर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल की नई पहचान बना रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कोशिशें रेड कॉरिडोर को डेवलपमेंट कॉरिडोर में बदलने का सपना पूरा कर रही हैं।
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