जुलाई 30, 2026

News Valley 24

"सच्ची खबरों की वादी" "न्यूज़ वैली 24"

45 सालों से जारी “विश्वशांति विश्वपदयात्रा” छत्तीसगढ़ पहुँची – अब तक 11 देशों में 4.52 लाख किमी की यात्रा, 14.5 करोड़ पौधों का वृक्षारोपण

दुर्ग, 03 सितम्बर 2025। पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ, सड़क सुरक्षा, स्वच्छ भारत और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे जनजागरूकता अभियानों को समर्पित ऐतिहासिक विश्वशांति विश्वपदयात्रा अब छत्तीसगढ़ पहुँच चुकी है। यह अनोखी यात्रा पिछले 45 वर्षों से लगातार जारी है और अब तक दुनिया के 11 देशों में 4 लाख 52 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है।

गिनीज बुक और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज ‘डैंजर्स एडवेंचर्स स्पोर्ट्स लांगेस्ट वर्ल्ड टूर ऑन फुट जर्नी’ टीम के सदस्य – श्री अवध बिहारी लाल, श्री जितेंद्र प्रताप, श्री महेंद्र प्रताप और श्री गोविंदा नंद – वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं।

दुर्ग जिले में तीन दिवसीय कार्यक्रम

टीम ने 1 से 3 सितम्बर 2025 तक दुर्ग जिले में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें युवाओं और स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, वन्य जीव सुरक्षा, सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मतदाता जागरूकता जैसी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

यात्रा की अब तक की उपलब्धियां

  • अब तक 11 देशों की यात्रा
  • 4.52 लाख किलोमीटर पैदल यात्रा
  • 14 करोड़ 50 लाख पौधों का वृक्षारोपण
  • भारत के करीब 600 जिलों का भ्रमण
  • 2018 में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी

टीम विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, गाँवों और सार्वजनिक स्थलों में जाकर जनजागरूकता फैला रही है।

यात्रा की शुरुआत की कहानी

इस पदयात्रा की नींव 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रखी गई थी। उस दिन अचानक आई भीषण बाढ़ में श्री अवध बिहारी लाल का पूरा परिवार जलमग्न हो गया था। वे कई घंटों तक एक बरगद के पेड़ से चिपककर अपनी जान बचाने में सफल रहे। बाद में सेना और रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित निकाला। उसी घटना ने उन्हें संकल्प दिलाया कि वे जीवनभर पर्यावरण और मानवता के हित में कार्य करेंगे।

यह भी पढ़िए...  15 सितम्बर को अम्बिकापुर में लगेगा मेगा प्लेसमेंट कैंप: 175 पदों पर भर्ती का सुनहरा मौका, जानिए कैसे करें आवेदन

तब से उन्होंने अकेले यात्रा शुरू की, और आज इस मिशन में 20 सदस्यीय टीम सक्रिय है। इस यात्रा के दौरान कुछ सदस्य शहीद भी हो चुके हैं, लेकिन बाकी सदस्य अभी भी कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ संकल्प के साथ इसे आगे बढ़ा रहे हैं।

समाज के लिए संदेश

यह यात्रा केवल पैदल भ्रमण नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है। टीम लोगों को यह समझा रही है कि पर्यावरण की रक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी ही भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।

About The Author


Discover more from News Valley 24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

error: Content is protected !!

Discover more from News Valley 24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading