“मुंबई का पवई बना रणभूमि: बच्चों को बंधक बनाने वाले ‘सिरफिरे रोहित आर्या’ की रहस्यमयी मौत — पुलिस फायरिंग या सोची-समझी साजिश?”
मुंबई, अपराध संवाददाता:
मुंबई के पॉश इलाके पवई में गुरुवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। यू-ट्यूबर और कथित ऑडिशन ऑर्गनाइज़र रोहित आर्या ने करीब 17 बच्चों को बंधक बना लिया, जिसके बाद कई घंटे चले पुलिस ऑपरेशन का अंत जवाबी फायरिंग में उसकी मौत के साथ हुआ।
यह पूरी घटना किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं — मगर इसके पीछे छिपी कहानी अब कई सवाल खड़े कर रही है।
🎬 घटना कैसे शुरू हुई: ऑडिशन का बहाना, बंधक बना दिए बच्चे
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर आरए स्टूडियो में करीब 100 बच्चे एक म्यूजिक वीडियो के ऑडिशन के लिए पहुंचे थे। तभी अचानक 35 वर्षीय रोहित आर्या ने दरवाजे बंद कर दिए और लगभग 17 बच्चों को अंदर रोक लिया।
कुछ ही देर में उसकी लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो गई, जिसमें वह कहता दिखा —
“मैं न आतंकवादी हूं, न किसी से पैसे चाहिए… मुझे बस कुछ जवाब चाहिए।”
उसने कहा कि वो “सुसाइड करने की जगह दूसरा रास्ता” अपनाना चाहता है। यह सुनकर पुलिस और स्थानीय लोग सकते में आ गए।
🚨 स्पेशल ऑपरेशन: कमांडो की तैनाती, बच्चों की सुरक्षित रिहाई
घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस, ATS और कमांडो यूनिट मौके पर पहुंची।
पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
करीब 3 घंटे चली बातचीत के बाद जब आरोपी ने समर्पण से इनकार कर दिया और पुलिस पर फायरिंग की, तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
इस फायरिंग में रोहित गंभीर रूप से घायल हो गया।
उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी 17 बच्चे सुरक्षित बाहर निकाले गए।
🧠 आरोपी की मानसिक स्थिति पर सवाल
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रोहित आर्या की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
वह खुद को “सोशल थिंकर” और “वॉइस ऑफ यूथ” बताता था और यूट्यूब पर सक्रिय था।
उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच में सामने आया है कि वह सिस्टम के खिलाफ वीडियो बनाता था और खुद को “क्रांति का सिपाही” कहता था।
पुलिस को घटनास्थल से एक एयरगन और कुछ केमिकल पदार्थ भी मिले हैं।
ऐसा लगता है कि उसने यह सब पूर्व-नियोजित तरीके से किया था ताकि पुलिस पर दबाव बनाया जा सके।
📹 वीडियो में कही थी ‘नैतिक मांगों’ की बात
घटना से कुछ घंटे पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें कहा गया था —
“मेरी मांगें नैतिक हैं… मैं आतंकवादी नहीं हूं, मुझे कोई पैसों की जरूरत नहीं है। बस कुछ लोगों से बात करनी है।”
इस बयान के बाद पुलिस को शक हुआ कि वह किसी मानसिक दबाव या भ्रम में था।
🧩 अब जांच के केंद्र में क्या है?
अब पुलिस यह जांच कर रही है कि —
- रोहित ने यह कदम क्यों उठाया?
- क्या उसके पीछे कोई संगठन या व्यक्ति था जिसने उसे उकसाया?
- उसके पास मौजूद केमिकल और हथियार कहां से आए?
- क्या यह सिर्फ मानसिक अस्थिरता थी या किसी बड़े मकसद की शुरुआत?
🧑✈️ पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“हमने आरोपी को आत्मसमर्पण के कई मौके दिए, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। हमारी प्राथमिकता बच्चों की जान बचाना थी, जो सुरक्षित हैं।”
🧨 घटनास्थल से सबूत जब्त
- एक एयरगन,
- कुछ केमिकल की शीशियां,
- और डिजिटल रिकॉर्डिंग उपकरण (कैमरा, लैपटॉप, फोन)
जब्त किए गए हैं।
फोरेंसिक टीम सभी सामग्री की जांच कर रही है।
💬 पड़ोसियों और चश्मदीदों ने क्या कहा
स्थानीय लोगों के अनुसार, रोहित पिछले कुछ दिनों से स्टूडियो के आसपास घूमता देखा गया था।
वह “प्रोजेक्ट लॉन्च” की बात कर रहा था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि उसकी मंशा इतनी खतरनाक है।
❓ सवाल अभी बाकी हैं…
- क्या यह मानसिक अस्थिरता थी या आत्म-प्रचार का तरीका?
- क्या पुलिस की कार्रवाई में चूक हुई?
- क्या रोहित आर्या अकेला था या किसी और के साथ काम कर रहा था?
इन सवालों के जवाब अब आने वाली जांच तय करेगी।
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